Vedant Samachar

लिवर में फैट जमने की शुरुआत कैसे होती है, कब बढ़ जाता है फैटी लिवर का खतरा

Vedant Samachar
3 Min Read

लिवर हमारे शरीर का मैनेजमेंट वाला डिपार्टमेंट संभालता है. शरीर नामक मशीन को सही ढंग से चलते रहने के लिए लिवर का हेल्दी रखना जरूरी है. लिवर में दिक्कत का असर पूरे शरीर पर पड़ता है. जिस तरह से जीवनशैली बदल रही है और खानपान की क्वालिटी गिर रही है, इससे लिवर में फैट जमने की समस्या बढ़ने लगती है. इस आर्टिकल में समझिए कि लिवर में फैट कब जमना शुरू हो जाता है?

हेल्थलाइन के मुताबिक, लिवर पर फैट जमना शुरू होते ही अलर्ट हो जाना चाहिए. विशेष रूप से यदि आप शराब का नियमित सेवन करते हैं और अधिक फैट वाला या ज्यादा नॉन वेज खाते हैं तो लिवर पर फैट जमने का रिस्क होता है. ऐसे में आपको नियमित रूप से लिवर की जांच करवानी चाहिए. यदि लिवर पर फैट जमना शुरू होने की जानकारी होती है तो तुरंत इस पर कंट्रोल करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेकर इलाज शुरू करें.

फैटी लिवर की शुरुआत कैसे होती है?

लिवर में पहले से ही थोड़ी मात्रा में फैट होता है, लेकिन जब ये 5 से 10 फीसदी बढ़ जाता है तो इसे फैटी लिवर कहा जाता है. कई सारे कारणों से ये बढ़ता है जैसे- ज्यादा तेल वाला खाना, मीठा और फास्ट फूड, शराब का अधिक सेवन लिवर को डैमेज करता है.
इसके अलावा मोटापा और डायबिटीज के बढ़ने से शरीर में फैट जमने लगता है तो फैटी लिवर का कारण बनता है. सबसे बड़ा कारण है बिना व्यायाम किए बैठे रहने की आदत. शरीर अगर एक्टिव नहीं रहेगा को लिवर पर भी इसका असर पड़ता है, क्योंकि बैठे रहने से फैट घटता नहीं बल्कि जमा होते चला जाता है. जो फैटी लिवर का कारण बनता है.
कब होता है खतरा ज्यादा?

राजीव गांधी हॉस्पिटल में डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि शुरुआत में फैट के लिवर में जमने का पता नहीं चलता है, लेकिन बाद में यह गंभीर रूप ले सकता है. इसके कारण कई तरह की बीमारियां भी हो सकती है. लिवर सिरोसिस में सूजन और लिवर पर निशान पड़ जाते है, जिससे धीरे-धीरे लिवर के टिश्यू नष्ट होने लगते हैं. इससे लिवर फेलियर का भी खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा फैटी लिवर, कैंसर का भी कारण बन सकता है. फैटी लिवर के कारण हृदय रोग भी हो सकता है. इसके अलावा डायबिटीज भी हो सकती है.

कैसे करें कंट्रोल?

लिवर को हेल्दी रखने के लिए तैलीय और मीठी चीजों पे परहेज करें या फिल मात्रा बिल्कुल सीमित रखे. हरी सब्जियां खाएं. फाइबर को शामिल करें खाने में. फाइबर से खाना जल्दी पचता है और डाइजेशन अच्छा रहता है. इसके साथ ही व्यायाम जरूर करें. योग भी फायदेमंद होता है. सबसे जरूरी लिवर को हेल्दी रखने के लिए वो हा शराब से दूरी बना लें. नियमित लिवर की जांच कराते रहें.

Share This Article