नई दिल्ली,12 सितंबर । पाकिस्तान की टीम एशिया कप में भारत से 14 सितंबर को भिड़ेगी और इस टक्कर से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर अच्छा-खासा दबाव है. ये दबाव और ज्यादा तब बढ़ जाता है जब पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी अपनी ही टीम के खिलाफ बयान देते हैं. इस बार ये बयान पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज उमर गुल ने दिया है जिन्होंने अपनी ही टीम के तेज गेंदबाजों पर बड़ा हमला बोला है. उमर गुल से पीटीवी पर एंकर जैनब अब्बास ने जसप्रीत बुमराह को लेकर एक सवाल पूछा. उनका सवाल था कि आखिर इतनी चोट लगने के बावजूद बुमराह इतनी दमदार वापसी कैसे करते हैं. तो इसपर उमर गुल ने बताया कि बीसीसीआई और भारतीय खिलाड़ियों के बीच जो भरोसा है उसकी वजह से ऐसा हो पाता है.
उमर गुल ने साधा खिलाड़ियों पर निशाना
उमर गुल ने कहा, ‘पाकिस्तान के क्रिकेट सिस्टम में दिक्कत ये है कि सीनियर खिलाड़ी अपनी जगह छोड़ने से डरते हैं. चाहे वो 70 फीसदी ही फिट हों वो बस खेलने की कोशिश करते हैं. वो इसलिए क्योंकि अगर कोई दूसरा खिलाड़ी आएगा और उसने अच्छा प्रदर्शन कर दिया तो फिट होने के बाद सीनियर खिलाड़ी का ही टीम से पत्ता कट जाएगा, रोटेशन पॉलिसी हमारे कल्चर में है ही नहीं. मुझे लगता है कि एक भरोसा खिलाड़ियों में पैसा करना चाहिए और एक रोटेशन पॉलिसी होनी चाहिए. आपकी प्राथमिकता ये होनी चाहिए कि जब सीनियर खिलाड़ी फिट हो तो उसे तुरंत मैदान पर उतारा जा सके.’
उमर गुल ने आगे कहा, ‘खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट की जिम्मेदारी बनती है कि चोटिल खिलाड़ियों का ख्याल रखा जाए. अगर खिलाड़ी को चोट लगती है तो वो समय पर बताए. डॉक्टर आपको जो सलाह देता है उसे माननी जरूरी है लेकिन खिलाड़ियों को खुद से भी पता होता है कि वो कबतक पूरी तरह फिट हो सकते हैं.’
‘पाकिस्तान में सही से नहीं होता रिहैब’
उमर गुल ने पाकिस्तानी क्रिकेट सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान में ठीक से रिहैब ही नहीं होता. कई खिलाड़ी हैं जिनका रिहैब सही नहीं हुआ. वहीं दूसरी ओर इंडिया के पास एक सिस्टम है. उमर गुल ने कहा कि बुमराह सिर्फ बड़े टूर्नामेंट खेलते हैं और उन्हें ज्यादा से ज्यादा आराम दिया जाता है. इसलिए बुमराह के पास वो आत्मविश्वास रहता है और वो अच्छी वापसी कर पाते हैं.



