वाशिंगटन,05 सितम्बर: डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने शुल्क (टैरिफ) विवाद को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और जजों से इस विषय पर शीघ्र निर्णय देने का आग्रह किया कि राष्ट्रपति को संघीय कानून के तहत व्यापक निर्यात कर लगाने का अधिकार है। अमरीकी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह अपीलीय अदालत के उस फैसले को पलट दे, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अधिकतर शुल्कों को आपातकालीन शक्तियों से संबंधित एक कानून का गैर-कानूनी तरीके से उपयोग करार दिया गया है। यह ट्रंप प्रशासन की अपीलों की श्रृंखला में ताजा मामला है, जिसे उस सुप्रीम कोर्ट में ले जाया गया है जिसे आकार देने में खुद ट्रंप की भूमिका रही है। यह मामला राष्ट्रपति की व्यापार नीति का मुख्य केंद्र है।
संघीय सर्किट के लिए अमरीकी अपीलीय अदालत ने शुल्कों को फिलहाल लागू रहने दिया है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने बुधवार देर रात दायर की गई याचिका में सुप्रीम कोर्ट से शीघ्र हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। यह याचिका बुधवार देर रात ऑनलाइन रूप से दायर की गई और ऐसी उम्मीद है कि इसे वीरवार को मामलों की सूची में दर्ज कर लिया जाएगा।
अमरीका के सॉलिसिटर जनरल डी. जॉन सॉअर ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस मामले पर सुनवाई शुरू की जाए और दलीलें नवंबर की शुरुआत में सुनी जाएं।
ट्रंप ने पोलैंड में और अधिक अमरीकी सैनिक तैनात करने की पेशकश की : वाशिंगटन : अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमरीकी सेनाएं पोलैंड में तैनात रहेंगी और इनकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। ट्रंप ने सेनाओं की वापसी की अटकलों को खारिज कर दिया। ट्रंप ने पोलैंड के नए राष्ट्रपति करोल नवरोकी के साथ व्हाइट हाऊस में बैठक के दौरान उनको अपनी सुरक्षा में मदद करने का वादा किया। जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या उनकी योजना नाटो के पूर्वी हिस्से में अग्रिम मोर्चे पर तैनात पोलैंड में अमरीकी सैनिकों को तैनात रखने की है तो ट्रंप ने कहा अगर उन्हें जरूरत होगी तो हम वहां और सैनिक तैनात करेंगे।



