मध्य प्रदेश,31अगस्त : मध्य प्रदेश के नीमच जिले में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने से एक मादा मगरमच्छ थड़ोली ग्राम पंचायत के हनुमंतिया रावजी गांव में घुस आई। इस घटना ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी। रविवार तड़के करीब 4 बजे मगरमच्छ को देखते ही ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और पुलिस को सूचित किया। हालांकि, वन विभाग की देरी और लापरवाही के कारण स्थिति बिगड़ गई, जिसमें दो ग्रामीण घायल हो गए।
वन विभाग की देरी और लापरवाही
सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई, लेकिन वन विभाग की टीम 5 घंटे की देरी से सुबह 9 बजे पहुंची। हैरानी की बात यह रही कि टीम के पास न तो पिंजरा था और न ही रस्सी जैसे आवश्यक उपकरण। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने के कारण मगरमच्छ अचानक गांव की ओर भाग निकली, जिससे वहां भगदड़ मच गई।
दो ग्रामीणों पर हमला, अस्पताल में भर्ती
भगदड़ के दौरान कई लोग गिर पड़े। इस बीच मगरमच्छ ने मोहनलाल पिता घीसालाल सुधार और एक अन्य ग्रामीण पर हमला कर दिया। दोनों घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए मगरमच्छ को काबू में किया और बाद में उसे गांधीसागर जलाशय में छोड़ दिया गया।
ग्रामीणों में आक्रोश, सुरक्षा की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अगर समय पर उचित उपकरणों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। बारिश के कारण नदियों में उफान और जलीय जीवों का खतरा बढ़ने से ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।



