रायपुर, 30 अगस्त (वेदांत समाचार)। सहकार भारती बुनकर प्रकोष्ठ का दो दिवसीय प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन 23 एवं 24 अगस्त 2025 को श्री जैनम् मानस भवन, रायपुर, छत्तीसगढ़ में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में देशभर से करीब 650 प्रतिनिधि शामिल हुए और बुनकरों की समस्याओं एवं उनके उत्थान को लेकर गहन चर्चा की गई।
अधिवेशन का शुभारंभ माननीय उपमुख्यमंत्री अरुण साव, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य मंत्री लखन लाल देवांगन और सहकार भारती राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी ने सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन कर किया। माननीय उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सहकार से समृद्धि और बुनकरों के उत्थान हेतु सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की और मुख्यमंत्री जी का शुभकामना संदेश साझा किया।
इफको के महाप्रबंधक संतोष शुक्ला , नेशनल हैंडलूम प्रबंधक डॉ. आशीष जी और यूपीका चेयरमैन अमरेश कुशवाहा ने अपने अनुभव और मार्गदर्शन साझा किए। बनारस की डॉ. अंगिका कुशवाहा और आंध्रप्रदेश के श्रीनिवासन ने अपनी सफलता की कहानियां प्रस्तुत कीं।

राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया जी ने बुनकरों की मांगों को लेकर चार्टर ऑफ़ डिमांड प्रस्तुत किया, जिसमें बुनकर परिवारों को बीमा और स्वास्थ्य बीमा सुविधा, पेंशन, सहज ऋण, सब्सिडी और सस्ती दर पर बिजली आपूर्ति जैसी मांगें शामिल हैं। आरबीआई निदेशक और सहकार भारती के संस्थापक सदस्य सतीश मराठे जी ने बुनकरों को अपने उत्पाद ऑनलाइन बेचने की प्रेरणा दी।
छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम जी ने हथकरघा की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की और इसके संरक्षण व संवर्धन पर बल दिया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर जी ने बुनकरों के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान की चर्चा करते हुए “बुनकरों को स्वाभिमान के साथ गाँव की ओर चलने” का आह्वान किया।
महामहिम राज्यपाल रमेन डेका ने बुनकरों के अनुभव साझा करते हुए “भरोसा और ईमानदारी से सहकारिता के विकास” का मंत्र दिया और बाजार प्रबंधन के उपयोगी गुर भी बताए। यह अधिवेशन सहकार भारती बुनकर प्रकोष्ठ के लिए ऐतिहासिक रहा, जिसमें देशभर से आए बुनकरों ने अपने अनुभव साझा किए, समस्याओं पर चर्चा की और आगे की दिशा तय की।



