Vedant Samachar

जब सनी देओल की वजह से लगा धर्मेंद्र-दिलीप कुमार की फिल्म पर ताला! खूब हुआ डायरेक्टर को पछतावा

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मुंबई : सनी देओल के फिल्मी करियर में कम ही ब्लॉकबस्टर फिल्में शामिल हैं. साल 2001 में आई फिल्म गदर: एक प्रेम कथा भी बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. अनिल शर्मा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में सनी देओल के साथ अमीषा पटेल लीड रोल में नजर आईं थीं. गदर अपने समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म साबित हुई थी. सनी की इस पिक्चर ने सलमान खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म हम आपके हैं कौन का रिकॉर्ड तोड़ा था. लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि गदर से डायरेक्टर अनिल शर्मा का एक ऐसा अफसोस जुड़ा है, जिसे वो कभी नहीं भुला सकते.

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अनिल शर्मा ने बताया कि गदर की कहानी उनके दिमाग में तब आई जब वे दो दिग्गज कलाकारों के साथ एक और फिल्म पर काम कर रहे थे, जो कभी बन ही नहीं पाई. इस फिल्म में दिलीप कुमार और धर्मेंद्र लीड किरदार में नजर आने वाले थे. जो दो दशक बाद दो दिग्गज सुपरस्टार का मिलन था. लेकिन ये फिल्म कभी फ्लोर पर उतरी ही नहीं.

अनिल शर्मा को आज भी है अफसोस
अनिल शर्मा ने बताया, “दिलीप कुमार एक ऐसे इंसान हैं जिनके साथ मैं सचमुच काम करना चाहता था, लेकिन कर नहीं पाया. वो मेरी ज़िंदगी का एक अफसोस है. गदर से पहले, मैं “कश्मीर” नाम की एक और फिल्म पर काम कर रहा था. मैंने दिलीप साहब और धर्मेंद्र जी, दोनों से बात की थी और वे इस फिल्म के लिए राज़ी हो गए थे.” उस फिल्म से गदर की कहानी कैसे बनी, इस बारे में बात करते हुए डायरेक्टर ने आगे कहा “उस फिल्म के सबप्लॉट के लिए, मैं एक पाकिस्तानी लड़की और एक कश्मीरी लड़के के इर्द-गिर्द घूमती कहानी की तलाश में था. और यहीं मुझे गदर की कहानी मिली.”

‘गदर’ की वजह से नहीं बन पाई ये फिल्म
डायरेक्टर आगे बोले कि वो सबप्लॉट ढूंढने में मुझे गदर की कहानी मिल गई. इसलिए, मैंने गदर पर ध्यान देने के बारे में सोचा और बाद में ‘कश्मीर’ बनाने का फैसला किया. वो तो नहीं हो पाया, लेकिन गदर बन गई. गदर की कहानी से अनिल शर्मा इतने प्रभावित हुए कि कश्मीर बैकफुट पर आ गई. उन्होंने बताया “जब वह कहानी मेरे पास आई, मुझे थरथराहट हो गई. मुझे पता था कि यह अब तक की सबसे बड़ी भारतीय फिल्म होगी. मैं गदर की कहानी से इतना आश्वस्त था कि मैंने कश्मीर को रोकने का फैसला किया. मेरे मन का कीड़ा इतना काटा मुझे कि मैंने कहा कि अब कुछ नहीं, गदर बनेगी सबसे पहले. लेकिन जिंदगी का एक दुख रह गया कि मैं दिलीप साहब के साथ काम नहीं कर सकता पाया.”

दिलीप कुमार को नहीं थी कोई आपत्ति
डायरेक्टर ने अपनी बात को पूरा करते हुए कहा, “जब मैंने उन्हें इसके बारे में बताया, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी. उन्हें इससे क्या परेशानी होगी? दिलीप कुमार तो दिलीप कुमार हैं. अगर कोई फिल्म नहीं बनती तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होती. वह किसी भी फिल्म से बड़े हैं और उनके पास पाइपलाइन में भी बहुत सारी फिल्में थीं. लेकिन उन्होंने मुझे गदर बनाने के लिए वाकई प्रोत्साहित किया. उन्होंने मेरी पीठ थपथपाई और कहा, ‘लाले, तेरा जो मन करे, तू वही कर.”

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