Vedant Samachar

यूक्रेन ने रूस पर तेज किया हमला, इधर क्रूड ऑयल के दामों में आया उबाल

Vedant Samachar
3 Min Read

रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अभी थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों देशों अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है. इसी बीच यूक्रेन ने रूस पर हमले और तेज कर दिए, जिससे यह चिंता बढ़ गई कि रूसी तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है. इसी वजह से तेल की कीमतों में आज उछाल देखने को मिल रहा है.

ब्रेंट क्रूड वायदा 0050 GMT पर 6 सेंट या 0.09% बढ़कर 67.79 डॉलर हो गया और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड वायदा 9 सेंट या 0.14% बढ़कर 63.75 डॉलर तक चला गया है.

रूसी अधिकारियों ने बताया कि रविवार को यूक्रेन ने रूस पर ड्रोन से हमला किया, जिससे रूस के एक बड़े परमाणु बिजलीघर के रिएक्टर की ताकत बहुत कम हो गई और उस्त-लुगा ईंधन निर्यात टर्मिनल में भयानक आग लग गई. इसके अलावा, इलाके के कार्यवाहक गवर्नर ने कहा कि यूक्रेनी ड्रोन हमले की वजह से रूस की नोवोशाख्तिंस्क रिफाइनरी में लगी आग रविवार को चौथे दिन भी जल रही थी. ये रिफाइनरी ज्यादातर निर्यात के लिए ईंधन बेचती है और हर साल 50 लाख मीट्रिक टन तेल या करीब 1 लाख बैरल रोजाना प्रोसेस करती है.

क्यों बढ़ रहे हैं दाम
मीडिया रिपोर्ट में आईजी मार्केट के विश्लेषक टोनी साइकैमोर ने कहा कि यूक्रेन रूस की तेल सुविधाओं पर जिस तरह निशाना साध रहा है, उसे देखते हुए. कच्चे तेल की कीमतों में जोखिम बढ़ रहा है. वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि रूस ने रविवार को यूक्रेन के साथ जंग में बातचीत से हल निकालने के लिए बड़ी रियायतें दी हैं. एनबीसी के “मीट द प्रेस विद क्रिस्टन वेल्कर” शो में वेंस ने कहा कि रूस ने मान लिया है कि वो कीव में अपनी पसंद की सरकार नहीं ला सकता, जो पहले उनकी बड़ी मांग थी. साथ ही, उन्होंने यूक्रेन की जमीन की सुरक्षा के लिए कुछ गारंटी देने की बात भी मानी है.

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को फिर धमकी दी कि अगर दो हफ्तों में यूक्रेन में शांति की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई तो वो रूस पर प्रतिबंध लगाएंगे. दूसरी तरफ, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने शुक्रवार को संकेत दिया कि अगले महीने अमेरिकी सेंट्रल बैंक की बैठक में ब्याज दरों में कटौती हो सकती है, जिससे निवेशकों का जोखिम लेने का हौसला बढ़ा है.

Share This Article