Vedant Samachar

निर्देशक माइकल चावेस ने बताया कैसे “द कॉन्ज्यूरिंग: लास्ट राइट्स” को बनाया जीवन्त

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मुंबई, 23 अगस्त 2025: न्यू लाइन सिनेमा लेकर आ रहा है 2 बिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाले कॉन्ज्यूरिंग यूनिवर्स की नौवीं फिल्म “द कॉन्ज्यूरिंग: लास्ट राइट्स”। इसका निर्देशन फ्रेंचाइज़ के अनुभवी निर्देशक माइकल चावेस ने किया है और इसे फ्रेंचाइज़ के निर्माता जेम्स वान और पीटर सफ्रान ने प्रोड्यूस किया है।


“द कॉन्ज्यूरिंग: लास्ट राइट्स” असली घटनाओं पर आधारित, मशहूर कॉन्ज्यूरिंग सिनेमैटिक यूनिवर्स का एक और थ्रिलिंग चैप्टर पेश करती है। इसमें वीरा फ़ार्मिगा और पैट्रिक विल्सन एक बार फिर, अपने आखिरी केस की कहानी लेकर, असल जीवन के जाने-माने पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर्स एड और लोरेन वॉरेन के रूप में लौट रहे हैं। यह फिल्म डर और सस्पेंस से भरा एक पावरफुल एडिशन है, जो इस ग्लोबल बॉक्स ऑफिस-ब्रेकिंग फ्रेंचाइजी को और आगे बढ़ाता है। फ़ार्मिगा और विल्सन के साथ इस फिल्म में मिया टॉमलिन्सन और बेन हार्डी भी नजर आएंगे, जो एड और लोरेन की बेटी जुडी वॉरेन और उसके बॉयफ्रेंड का किरदार निभा रहे हैं।


फिल्म का निर्देशन और इसके डरावने केस के बारे में बात करते हुए निर्देशक माइकल चावेस बताते हैं, “स्मर्ल केस वेस्ट पिट्सटन, पेनसिल्वेनिया में हुआ एक असल हॉन्टिंग केस था, जो 1980 के दशक के बीच से लेकर 1990 के दशक तक चलता रहा। इस केस में वॉरेन्स भी शामिल थे। स्मर्ल परिवार एक डुप्लेक्स मकान में रहता था, जहाँ उनके माता-पिता भी बगल में ही रहते थे। यानी तीन पीढ़ियाँ एक ही डुप्लेक्स में रहती थीं। उनके अजीब अनुभव तब शुरू हुए जब उनकी बेटी का कन्फ़र्मेशन हुआ। उसी दिन उनके ऊपर एक लाइट गिर गई, जो पहले मामूली सी घटना लगी। लेकिन धीरे-धीरे यह घटनाएँ बढ़ती गईं और ऐसे स्तर पर पहुँच गईं जिन्हें अब नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता था।”


जब स्मर्ल परिवार इन डरावनी घटनाओं से जूझ रहा था और उनका परिवार बिखरने लगा था, उस समय वॉरेन दंपत्ति लगभग रिटायर हो चुके थे। वे इस काम से दूर, एक सुरक्षित जीवन जी रहे थे। हमें पता चलता है कि उनकी बेटी जुडी के साथ कुछ अजीब हो रहा है, और उनके ऊपर एक अंधेरा सा खतरा मंडरा रहा है। यही से कहानी की शुरुआत होती है, क्योंकि आपके हीरोज अब कोई केस नहीं लेते हैं। लेकिन फिर भी एक बेचैनी बनी रहती है, क्योंकि भले ही लगता है कि वे खुश हैं, मुश्किलों से बच निकले हैं और अब केस नहीं संभाल रहे, लेकिन हमें पता है कि वे दोबारा इसमें खींचे जाएंगे। और सबसे बड़ा डर यह है कि उनका यह आखिरी केस उन्हें पूरी तरह तबाह भी कर सकता है।


न्यू लाइन सिनेमा प्रस्तुत कर रहा है द सफ्रान कंपनी / एन एटॉमिक मॉन्स्टर प्रोडक्शन की फिल्म “द कॉन्ज्यूरिंग: लास्ट राइट्स”। यह फिल्म भारत में वार्नर ब्रदर्स पिक्चर्स द्वारा रिलीज़ की जाएगी और दर्शक इसे सिर्फ थिएटर्स और आईमैक्स में देख पाएंगे। इसकी रिलीज़ डेट 5 सितंबर, 2025 है।

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