ग्वालियर,23अगस्त। मध्य प्रदेश के ग्वालियर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास मामले में लेटलतीफी का मामला सामने आया है। 500 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे प्रोजेक्ट का अभी तक सिर्फ 50 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। कछुए की चाल से चल रहे कार्य को लेकर उपमुख्य अभियंता पर गाज गिरी है। उपमुख्य अभियंता आकाश यादव को ग्वालियर से हटाकर प्रयागराज ट्रांसफर किया गया है। अब प्रोजेक्ट के निगरानी की जिम्मेदारी सुधीर कुमार पटेल को सौंपी गई है।
बता दें, रेलवे स्टेशन पुनर्विकास प्रोजेक्ट का कार्य साल 2022 में शुरू हुआ था। तीन साल बीत जाने के बाद भी काम अभी तक आधा ही पूरा हो पाया है। देखा जाए तो 2025 में काम अधूरा है। टेंडर में जारी शर्तों के मुताबिक, प्रोजेक्ट का काम 24 महीने के भीतर पूरा हो जाना था।
काम में देरी के ये हैं 4 कारण…
प्लेटफार्म नंबर 1 से 4 तक 48 कॉलम बनाए जाने थे, जिनमें से अभी तक केवल 7 पिलर ही पूरे हो पाए हैं। 30,000 वर्ग मीटर की एक केंद्रीय छत का निर्माण किया जाना है, लेकिन अभी तक बहुत कम काम हुआ है। 462 करोड़ रुपये के बजट में से अभी तक केवल 112 करोड़ रुपये का ही काम पूरा हो पाया है। कंपनी ने ब्लॉक के लिए 411 घंटे का अनुरोध किया, लेकिन नियमों के तहत समय आवंटित नहीं किया जा सका।



