कांकेर,21अगस्त (वेदांत समाचार)। जिले में दो दिन पहले नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी. दो दिन बाद आदिवासी युवक के हत्या का राज सामने आया है. 15 अगस्त को नक्सली स्मारक के ऊपर झंडा फहराने के साथ ही युवक ने भारत माता के जयकारे लगाए थे. इसी वजह से नक्सलियों ने युवक मनेश की हत्या कर दी. हत्या से पहले माओवादियों ने गांव में जनअदालत लगाया. और वहां पर युवक मनेश नुरुटी को मौत की सजा सुनाई, फिर उसको बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है. मामला कांकेर जिले के बिनागुंडा गांव का है.
जन अदालत लगाकर सुनाई गई मौत की सजा
जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात माओवादी मनेश नुरुटी को उसके घर से उठाकर गांव के बीच ले गए, जहां पहले से ही ग्रामीणों को एकत्रित कर जन अदालत लगाई गई थी। इस दौरान माओवादियों ने दो अन्य आदिवासी युवकों की भी पिटाई की और उन पर पुलिस को माओवादी गतिविधियों की जानकारी देने का आरोप लगाया। इसके बाद मनेश नुरुटी की हत्या कर दी गई।
परतापुर थाना क्षेत्र में लगाया गया बैनर
घटना के बाद नक्सलियों ने परतापुर थाना क्षेत्र में बैनर लगाकर हत्या की जिम्मेदारी ली। माओवादी परतापुर एरिया कमेटी ने पखांजूर थाना प्रभारी लक्षण केंवट और अन्य पुलिस अधिकारियों पर आदिवासियों को गोपनीय सैनिक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। साथ ही, नक्सलियों ने कोंगे पंचायत के सरपंच रामजी धुर्वा सहित डीआरजी से जुड़े जोयो, बुद्धु, आयतू, टुब्बा कोरेटी, धनी और अर्जून ताती को चेतावनी दी है। बयान में उन्हें भी मौत की सजा देने की धमकी दी गई है।



