शिमला,19अगस्त: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले एक हफ्ते तक प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है। 24 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया गया है। 18 से 20 अगस्त तक गरज-चमक और अंधड़ के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि 21 अगस्त को अंधड़ चलने का पूर्वानुमान है। इसके बाद 22 से 24 अगस्त तक फिर भारी बारिश का दौर रहेगा।
लगातार हो रही वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। सोमवार को सिरमौर, कुल्लू और मंडी जिलों के कई उपमंडलों में एसडीएम ने सभी शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी। बीती रात सिरमौर के धौलाकुआं में 113 मिमी, जोत और मेलरान में 70-70 मिमी, पालमपुर में 58 मिमी और जतौन वेरेज में 49 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
वहीं, भारी बारिश और भूस्खलन से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक सोमवार शाम तक प्रदेश में 2 नेशनल हाइवे और 387 सड़कें अवरुद्ध रहीं। अकेले मंडी में 192 और कुल्लू में 103 सड़कें ठप हैं। कांगड़ा में 26, सिरमौर में 29 और शिमला में 11 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में एनएच-305 और मंडी में एनएच-21 पूरी तरह बाधित हैं। शिमला-मंडी मार्ग भी सतलुज की तेज धारा से कटाव के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
ट्रांसशिपमेंट सुविधा शुरू
एसडीएम करसोग के निर्देशानुसार एचआरटीसी ने यात्रियों के लिए ट्रांसशिपमेंट सुविधा शुरू की है। तत्तापानी से करसोग और सुन्नी से शिमला के बीच बसों की व्यवस्था की गई है। एक 47 सीटर, एक इलेक्ट्रिक बस और आपात स्थिति के लिए मिनी बस तैनात की गई है।
तत्तापानी में सड़क नदी में समाई
शिमला-करसोग मार्ग पर तत्तापानी पुल से 200 मीटर आगे सड़क का बड़ा हिस्सा सतलुज में समा गया है। सड़क की चौड़ाई घटकर केवल 1.5 मीटर रह गई है, जिससे सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। वैकल्पिक थली पुल मार्ग भी बंद होने से फिलहाल सुन्नी डिवीजन में कोई विकल्प नहीं बचा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मौके का निरीक्षण कर विभाग को छोटे वाहनों के लिए मार्ग खोलने के निर्देश दिए।



