रायगढ़, 18 अगस्त 2025: तमनार तहसील के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली एक बड़ी योजना में, 14 गाँवों की लगभग 4000 परिवारों के करोड़पति बनने की राह आसान हो गई है, जिसका श्रेय महाराष्ट्र राज्य पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (महाजेनको) के महत्वाकांक्षी गारे पल्मा सेक्टर II कोयला खदान परियोजना को जाता है। इन गाँवों में थिली रामपुर, कुंजेमुरा, गारे, सरैटोला, मुरोगाँव, रादोपाली, पाटा, चितवाही, ढोलनारा, झिंकाबहाल, डोलेसरा, भालुमुरा, सरसमल और लाइब्रा के नाम शामिल हैं।
इस परियोजना के तहत लगभग 2000 हेक्टेयर निजी जमीन अधिग्रहित की जाएगी और इसका लक्ष्य हर साल 2.36 करोड़ टन कोयला उत्पादन करना है, जो महाराष्ट्र के थर्मल पॉवर प्लांट्स को ऊर्जा प्रदान करेगा और अतिरिक्त बिजली अन्य राज्यों में आपूर्ति की जाएगी। इस कोयला लिंक के तहत चंद्रपुर (1000 मेगावाट), कोराडी (1980 मेगावाट) और पारली (250 मेगावाट) जैसी बड़ी इकाइयों को समर्थन मिलेगा, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड में 3200 मेगावाट से अधिक योगदान होगा।

इस परियोजना की खासियत इसका व्यापक मुआवजा और समुदाय सशक्तिकरण योजना है। भूमि मालिकों को प्रति एकड़ 35 लाख रुपए का मुआवजा दिया जा रहा है, जो स्थानीय सर्कल रेट्स के अनुसार है, साथ ही 2435 करोड़ रुपये की पुनर्वास और पुनःस्थापन (आर एंड आर) पैकेज भी प्रदान किया जा रहा है। इस पैकेज में आवास, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाएँ शामिल हैं, जो स्थानीय लोगों और उनकी अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई हैं।
इस परियोजना से 3400 प्रत्यक्ष और हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाएगा। महाजेनको के एक अधिकारी ने, नाम न बताने की शर्त पर कहा, “यह देश की सबसे बड़ी कोयला खदान परियोजनाओं में से एक है। हम सिर्फ कोयला निकाल नहीं रहे हैं, हम ऊर्जा सुरक्षा और ग्रामीण विकास में निवेश कर रहे हैं। इस खदान और संबंधित अवसंरचना में 7,500 करोड़ रुपए का निवेश रायगढ़ में समृद्धि लाएगा ।



