पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में मूसलधार बारिश के कारण आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही बारिश से बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 300 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रांतीय अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
बाढ़ और भूस्खलन में मृतकों की संख्या 300 के पार
पाकिस्तान के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के मुताबिक, अचानक आई बाढ़ में अब तक 307 लोग मारे गए हैं। इनमें से बुनेर जिले में सबसे अधिक 184 मौतें हुई हैं, जबकि शांगला में 36, मनसेहरा में 23, स्वात में 22, बाजौर में 21, बट्टाग्राम में 15, लोअर दीर में पांच और एबटाबाद में एक बच्चा डूबकर मारा गया।
विनाशकारी बाढ़ ने किया बुनियादी ढांचे को नुकसान
शुक्रवार को आई इस विनाशकारी बाढ़ ने सड़कों, पुलों, इमारतों और बिजली प्रतिष्ठानों समेत कई बुनियादी ढांचे को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के दौरान लापता हुए लोगों की संख्या का पता तब ही चल पाएगा, जब पानी कम होगा।
21 अगस्त तक बारिश की संभावना
PDMA ने चेतावनी दी है कि 21 अगस्त तक खैबर पख्तूनख्वा के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है। प्राधिकरण ने बताया कि बाढ़ के कारण 7 घर पूरी तरह नष्ट हो गए और 38 घर क्षतिग्रस्त हो गए, जिनमें से अधिकांश स्वात जिले में हैं। इसके अलावा, तीन स्कूल नष्ट हो गए और तीन अन्य क्षतिग्रस्त हो गए।
खैबर पख्तूनख्वा में एक दिन का शोक
बाढ़ के कारण हुए नुकसान और बचाव अभियान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए एमआई-17 हेलीकॉप्टर के चालक दल के पांच सदस्यों की शहादत को लेकर खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने शनिवार को एक दिन का शोक घोषित किया। बुनेर जिले में अचानक आई बाढ़ के बाद बचाव दल ने 300 स्कूली बच्चों समेत 2,071 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। जिला उपायुक्त काशिफ कय्यूम ने बताया कि राहत कार्य जारी रहने के कारण पूरे जिले में आपातकाल घोषित किया गया है।



