Vedant Samachar

ट्रम्प-पुतिन के बीच 3 घंटे चली बैठक, नहीं हुआ कोई समझौता, दोनों प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हुए रवाना नहीं दिया पत्रकारों के सवालों का कोई जवाब

Vedant Samachar
3 Min Read

अलास्का,16अगस्त । रूसी राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अलास्का में मुलाकात की। उनके बीच यूक्रेन जंग खत्म करने पर करीब 3 घंटे मीटिंग हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने सिर्फ 12 मिनट की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा कि मुझे लगता है कि हमारी बैठक बहुत सकारात्मक रही। हमने कई बिंदुओं पर सहमति जताई, लेकिन कोई डील नहीं हुई। कोई समझौता तभी होगा जब वह अंतिम रूप लेगा।

वहीं, पुतिन ने कहा कि उनके लिए रूस की सुरक्षा सबसे जरूरी है। उन्होंने अगली मीटिंग मॉस्को में करने का सुझाव दिया। अपनी बात कहने के बाद दोनों नेता मंच से तुरंत चले गए। पुतिन शनिवार को करीब 10 साल बाद अमेरिका पहुंचे। यहां उनका B-2 बॉम्बर एयरक्राफ्ट से स्वागत किया गया। उनके रेड कार्पेट पर आते ही ट्रम्प ने तालियां बजाईं। फिर पुतिन, ट्रम्प की कार में बैठकर मीटिंग के लिए रवाना हो गए।

ट्रम्प बोले- लोगों को मरते हुए नहीं देखना चाहता हूं
मीटिंग खत्म होने के बाद ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने कहा कि वे लोगों को मरते हुए नहीं देखना चाहते हैं।

रूस बोला- ट्रम्प-पुतिन की बातचीत बहुत अच्छी रही
ट्रम्प के फॉक्स को दिए इंटरव्यू के बाद रूस ने कहा कि पुतिन का अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ दिया इंटरव्यू बहुत अच्छा रहा।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि दोनों नेताओं ने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिए क्योंकि वे पहले ही विस्तृत बयान दे चुके थे। पेसकोव ने यह भी कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत उन्हें सीजफायर के विकल्प खोजने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगी।

ट्रम्प–पुतिन प्रेस ब्रीफिंग की 5 अहम बातें:

ट्रम्प-पुतिन में 3 घंटे क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी नहीं।
12 मिनट चली प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों नेताओं ने किसी पत्रकार के सवाल का जवाब नहीं दिया।
ट्रम्प ने कहा कि बैठक सकारात्मक रही, लेकिन अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ।
पुतिन ने कहा कि यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए उसकी असल वजह को खत्म करना जरूरी।
पुतिन ने कहा कि अगर 2022 में ट्रम्प राष्ट्रपति होते, तो यूक्रेन युद्ध नहीं होता।

Share This Article