Vedant Samachar

उपवास से उल्लास तक : सोनी सब के कलाकारों ने जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म को किया नमन

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मुंबई, 11 अगस्त 2025: देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियों के बीच, सोनी सब के लोकप्रिय कलाकार—करुणा पांडे, अभिषेक वर्मा, बृंदा त्रिवेदी, गरिमा परिहार और आशी सिंह—अपने विचार साझा कर रहे हैं कि जन्माष्टमी क्यों उनके दिलों में एक खास स्थान रखती है। पारंपरिक रीति-रिवाज, रंग-बिरंगे उत्सव और मटकी फोड़ जैसे खेल-तमाशों से भरपूर यह पर्व, अपने साथ यादगार पल और एकजुटता की भावना लेकर आता है। कलाकारों ने बताया कि यह त्योहार उनके जीवन में क्या महत्व रखता है और वे इस वर्ष इसे कैसे मनाने वाले हैं।

पुष्पा इम्पॉसिबल में ‘पुष्पा’ का किरदार निभा रहीं करुणा पांडे ने कहा, “जन्माष्टमी मेरे दिल के बहुत करीब है। मैं कृष्ण भक्त हूं, और हमेशा भगवान श्रीकृष्ण के साथ एक गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस करती हूं। हर साल मैं व्रत रखती हूं और घर पर एक सादगीपूर्ण परंतु भावपूर्ण पूजा करती हूं। इस दिन वातावरण में एक अद्भुत शांति और भक्ति का भाव भर जाता है। यह केवल रीति-रिवाजों का पालन करने का दिन नहीं है, बल्कि भगवान के करीब महसूस करने और उनके प्रेम, सत्य और धर्म के उपदेशों पर मनन करने का अवसर है। जन्माष्टमी मनाना मेरे मन को अपार खुशी देता है।”

उफ़्फ़…ये लव है मुश्किल में ‘शौर्य सिन्हा’ की भूमिका निभा रहे अभिषेक वर्मा ने कहा, “मेरी मां भगवान कृष्ण की बड़ी श्रद्धालु हैं। वह अक्सर मथुरा और वृंदावन जाती हैं, और उनकी आस्था ने हमेशा मुझे प्रेरित किया है। बचपन में मां मुझे कृष्ण का रूप सजाती थीं और मैं हमारी सोसाइटी में राधा बने दोस्तों के साथ घूमता था, छोटी-छोटी प्रस्तुतियां देता था। ये बहुत खास यादें हैं। मुझे भगवान कृष्ण की यह बात पसंद है कि हर कोई उनसे अपने-अपने तरीके से जुड़ सकता है—कोई उन्हें मित्र मानता है, कोई भाई। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि हम जीवन में अलग-अलग भूमिकाएं निभाते हैं, और हर भूमिका अपनी तरह से सुंदर होती है। मौका मिलने पर मैं मां के साथ वृंदावन जाने की कोशिश करता हूं। जन्माष्टमी मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण पर्व है।”

पुष्पा इम्पॉसिबल में ‘कादंबरी’ की भूमिका निभा रहीं बृंदा त्रिवेदी ने कहा, “मैं आमतौर पर जन्माष्टमी अपने घर पर परिवार के साथ मनाती हूं, और यह हमेशा हमारे लिए खास समय होता है। तैयारियां दो दिन पहले ‘रंधण छठ’ से शुरू होती हैं, जब मां कई तरह के पारंपरिक व्यंजन बनाती हैं, जिन्हें हम अगले दिन ‘शीतला सप्तमी’ पर खाते हैं, और इससे उत्सव का माहौल बन जाता है। जन्माष्टमी पर घर को फूलों, रोशनी और कृष्ण जी की मूर्तियों से सजाया जाता है, और दिनभर मेहमानों का आना-जाना रहता है। सबसे खास पल होता है रात 12 बजे का ‘कृष्ण जन्म पूजन’, जब हम भजन गाते हैं, प्रार्थना करते हैं और भगवान के जन्म का स्वागत करते हैं। इस साल मैं काम के कारण घर पर नहीं रहूंगी, लेकिन यह दिन फिर भी खास होगा क्योंकि मैं वही कर रही होऊंगी जो मुझे सबसे ज्यादा पसंद है—अभिनय। साथ ही, जन्माष्टमी के दिन पुष्पा इम्पॉसिबल के 1000 एपिसोड पूरे हो रहे हैं, तो मैं अपनी ऑन-स्क्रीन फैमिली के साथ इसे मना रही होऊंगी, जो अपने आप में एक आशीर्वाद है।”

पुष्पा इम्पॉसिबल में ‘दीप्ति’ का किरदार निभा रहीं गरिमा परिहार ने कहा, “बचपन में मुझे राधा बनना और स्कूल या सोसाइटी में छोटी-छोटी झांकियों में भाग लेना बहुत पसंद था। आज भी मैं घर के मंदिर को सजाती हूं और कृष्ण जी के साथ कुछ शांत समय बिताती हूं, उनके उपदेशों पर मनन करती हूं। मेरे लिए यह पर्व प्रेम, शरारत और भक्ति के उस जादू की कोमल याद दिलाता है, जो हमें जीवन की भागदौड़ के बीच भी स्थिर रखता है।”

उफ़्फ़…ये लव है मुश्किल में ‘कैरी शर्मा’ की भूमिका निभा रहीं आशी सिंह ने कहा, “जन्माष्टमी मेरे सबसे पसंदीदा त्योहारों में से एक है, जिसका मैं हर साल बेसब्री से इंतजार करती हूं! घर को छोटी-छोटी झांकियों से सजाने से लेकर कृष्ण भजनों को सुनने तक, इस दिन की ऊर्जा इतनी पवित्र और सकारात्मक होती है। मैं व्रत रखती हूं और रात 12 बजे की पूजा तक जागती हूं—जब मंदिर की घंटियां बजती हैं और हम कृष्ण जी के जन्म का स्वागत करते हैं, तो वह क्षण हमेशा मेरे रोंगटे खड़े कर देता है। यह दिन मुझे एक साथ शांति, उम्मीद और बचपन जैसी उत्सुकता से भर देता है।”

उफ़्फ़…ये लव है मुश्किल और पुष्पा इम्पॉसिबल देखिए, हर सोमवार से शनिवार, सिर्फ सोनी सब पर

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