नई दिल्ली,05अगस्त। स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दरअसल, एक मॉक ड्रिल के दौरान डमी बम के साथ स्पेशल सेल की टीम लाल किला परिसर में दाखिल हो गई, जिसे वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी पहचान नहीं सके। डमी बम को ना डिटेक्ट कर पाने को गंभीर लापरवाही मानते हुए दिल्ली पुलिस ने सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है, जिनमें कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल शामिल हैं।
मॉक ड्रिल में डमी बम के साथ दाखिल हुई टीम स्पेशल सेल की एक टीम सिविल ड्रेस में मॉक ड्रिल की योजना बनाई थी। टीम के सदस्य डमी बम लेकर लाल किले के भीतर पहुंच गए। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घटना ने लाल किले की मौजूदा सुरक्षा चक्र की खामियों को उजागर कर दिया।
1सुरक्षा में चूक पर तुरंत कार्रवाई घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने तत्काल कदम उठाते हुए सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया और पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। साथ ही, उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने, घेराबंदी को मजबूत करने और तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
15 अगस्त से पहले सुरक्षा में सेंध लाल किला की प्राचीर से प्रधानमंत्री हर साल 15 अगस्त को देश को संबोधित करते हैं। इस समारोह में राष्ट्रपति, विदेशी राजदूतों, सैन्य अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में इस तरह की चूक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है।



