रायपुर,04अगस्त (वेदांत समाचार) : पिछले 6 महीने (जनवरी से जून) में रायपुर रेल मंडल को रेल मदद ऐप और सोशल मीडिया पर लगभग 8385 शिकायतें मिली हैं। इनमें 5198 शिकायतें कनेक्ट नहीं हो पाईं। वहीं 387 यात्रियों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर असंतुष्टि जताई है। यानी सिर्फ 33 प्रतिशत के लगभग शिकायतें ही सॉल्व हुई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रायपुर रेल मंडल को हर दिन 15 शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें कर्मचारी द्वारा बदसलूकी, गर्भवती होने पर सीट की समस्या, दूसरे की सीट पर कब्जा जैसी शिकायतें प्रमुख हैं।
रेलवे का समस्या के समाधान का गिरे हुए परसेंटेज पर कहना है कि शिकायत के बाद बहुत से यात्रियों से कनेक्शन स्थापित नहीं हो पाया। या तो यात्रियों का मोबाइल नो नेटवर्क जोन में था, या उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था।
पिछले छह महीने शिकायतें आठ हजार में सॉल्व सिर्फ 698
ऐसी शिकायतें ज्यादा
प्लेटफार्म, ट्रेन में मोबाइल या सामान भूलना।
रिजर्व सीट पर दूसरे यात्री का कब्जा।
मेडिकल इमरजेंसी का मांग।
रेलवे कर्मचारी की अभ्रदता।
पेंट्रीकार वेंडर की ओर से ओवर चार्जिंग
ट्रेनों के टॉयलेट में पानी नहीं आना।
ट्रेनों में गंदगी।
ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर।
खराब खाने की शिकायत।
बेड रोल गंदे होना।



