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कैंसर के लक्षण जो लोग आमतौर पर नजरअंदाज कर देते हैं

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कैंसर होना कई कारणों पर निर्भर करता है. इसका एक मुख्य कारण जेनेटिक भी होता है और दूसरा कारण जीवनशैली. कैंसर के तत्व प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में होते हैं. जो जेनेटिक कारणों और जीवनशैली के कारण प्रभावित होते हैं. कैंसर की शुरुआत में कुछ कारण उभरतेहैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कैंसर की शुरुआत में कौन से लक्षण उभरते हैं, इस बारे में बता रहे हैं स्पेशलिस्ट डॉक्टर.

कैंसर पूरे शरीर में कहीं भी हो सकता है.अक्सर कैंसर के शुरुआती लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. हालांकि यदि शुरु में ही इन लक्षणों को पहचान कर इलाज शुरु कर दिया जाए तो कैंसर को पनपने और बढ़ने से रोका जा सकता है. शुरुआती स्टेज में कैंसर का पूर्ण उपचार उपलब्ध है. हालांकि लापरवाही और पर्याप्त मेडिकल सुविधा नहीं होने के कारण भारत में अक्सर कैंसर का पता दूसरी या तीसरी स्टेज में चल पाता है. जिसके बाद कैंसर का उपचार कठिन हो जाता है.

कैंसर के शुरुआती लक्षण
श्री जगन्नाथ धर्मार्थ चेरिटेबल कैंसर अस्पताल के सीनियर ऑंकोलॉजिस्ट डॉ. ऋषि गुप्ता बताते हैं कि शरीर में अलग-अलग स्थान पर होने वाले कैंसर में कई तरह के लक्षण उभरते हैं. अक्सर कई तरह के कैंसर में शुरुआती लक्षण समान ही होते हैं. अगर आपको लगातार खांसी, वजन में अचानक कमी, शरीर में गांठ, त्वचा में बदलाव, पाचन या मूत्र प्रणाली में कोई भी बदलाव महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

इसके अलावा अगर आपको दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी आ रही है या आपकी आवाज बदल गई है. यदि आपका वजन बिना किसी प्रयास के कम हो रहा है. शरीर के किसी भी हिस्से में गांठ या सूजन महसूस हो रही है. अगर आपको आराम करने के बाद भी थकान महसूस होती है. यदि आपको शरीर के किसी भी हिस्से में बिना किसी स्पष्ट कारण के दर्द होना. अगर आपको खाना निगलने में कठिनाई हो रही है. भूख नहीं लग रही है. यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करके जांच करवानी चाहिए.

किन कारणों से होता है कैंसर
डॉ. ऋषि गुप्ता बताते हैं कि शरीर के किसी भी हिस्से में मौजूद सेल्स जब अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगते हैं तो कैंसर होता है. इसके कई कारण हैं. जैसे शराब का सेवन, धूम्रपान, मैदा का अधिक सेवन और कई मामलों में कैंसर जेनेटिक तरीके से भी होता है. चिंता की बात यह है कि भारत में कैंसर के अधिकतर मामले आखिरी स्टेज में सामने आते हैं. कारण यह है कि लोग इसके लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं.

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