Vedant Samachar

नगर निगम भिलाई ने बीएसपी को 228 करोड़ के प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस थमाया, 30 दिन में जमा करने का अल्टीमेटम…

Vedant Samachar
3 Min Read

भिलाई,03अगस्त (वेदांत समाचार) | भिलाई नगर निगम ने भिलाई स्टील प्लांट (BSP) पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए 228 करोड़ रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस जारी कर दिया है। बीएसपी को यह राशि 30 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। निगम ने टाउनशिप और संयंत्र परिसर की प्रॉपर्टी का ड्रोन सर्वे कराने की तैयारी भी शुरू कर दी है। नगर निगम भिलाई ने भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 228 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने का नोटिस थमाया है। निगम ने इसके लिए 30 दिन की मोहलत दी है। लेकिन अब तक बीएसपी की ओर से टैक्स जमा नहीं किया गया है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडे ने बताया कि बीएसपी की सम्पत्ति का विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाएगा, जिसके लिए IIT भिलाई के ड्रोन सर्वे का प्रस्ताव है। अन्य एजेंसियों पर भी विचार हुआ था, मगर IIT से बातचीत अंतिम चरण में है।

कोर्ट में लंबित है पुराना टैक्स विवाद —
यह मामला नया नहीं है। वर्ष 2019 में भी नगर निगम ने बीएसपी को कुर्की का नोटिस जारी किया था, जिसमें संपत्ति कर में गड़बड़ी और शिक्षा उपकर की राशि कम देने की बात कही गई थी। तब से यह मामला उच्च न्यायालय बिलासपुर में विचाराधीन है।

RTI में 6000 पेज निकाले बीएसपी ने —
प्रॉपर्टी टैक्स के इस घमासान में बीएसपी प्रबंधन ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत 6000 पेज का दस्तावेज जुटाया है। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर मामले को अपने पक्ष में करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

निगम का आरोप — बीएसपी ने अस्पताल, स्कूल, पार्क जैसी कमर्शियल प्रॉपर्टीज छिपाईं —
निगम के अनुसार, बीएसपी ने अपने हलफनामे में हॉस्पिटल, स्कूल, पार्क, सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी के क्वार्टर, धार्मिक व सामाजिक भवनों का उल्लेख नहीं किया है। निगम का आरोप है कि बीएसपी इन हॉस्पिटलों से निजी मरीजों से फीस वसूलता है और स्कूल भवनों को किराये पर देता है, जिससे उसे आय होती है। निगम का दावा है कि ऐसी प्रॉपर्टी पर टैक्स बनता है, जो बीएसपी ने अब तक नहीं दिया है।

कई दौर की बैठकें भी बेनतीजा —
प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर निगम प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, परंतु अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। पुराने टैक्स विवाद का मामला फिलहाल हाईकोर्ट में लंबित है और अब नया नोटिस सामने आ गया है।

Share This Article