Vedant Samachar

HIV वैक्सीन का पहला ट्रायल सफल, नई mRNA टेक्नोलॉजी से जागी उम्मीद

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HIV जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक पिछले कई सालों से एक कारगर वैक्सीन की तलाश में लगे हैं. लेकिन अब इस दिशा में एक उम्मीद की किरण दिखी है. हाल ही में एक प्रयोगात्मक वैक्सीन को लेकर एक टेस्ट किया गया जिसमें शुरुआती नतीजे काफी सकारात्मक रहे. लेकिन क्या ये वैक्सीन पूरी तरह से सफल होगी? इसके बारे में जानने के लिए आपको पूरी कहानी समझनी होगी.

ये जो नया HIV वैक्सीन ट्रायल हुआ है, वो अमेरिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में किया गया. इसमें करीब 108 स्वस्थ लोगों को ये टीका लगाया गया और उनके शरीर की प्रतिक्रिया को परखा गया. इस टीके की खास बात यह थी कि इसे mRNA टेक्नोलॉजी से तैयार किया गया था, ठीक उसी तकनीक से जिससे COVID‑19 के टीके बनाए गए थे. लेकिन HIV बहुत जल्दी म्यूटेट हो जाता है यानी अपना रूप बदलता रहता है. इसलिए एक मजबूत और अलग तरह की इम्यूनिटी की जरूरत होती है और यही bnAb एंटीबॉडी दे सकती है.

क्या है bnAb एंटीबॉडी

bnAb मतलब Broadly Neutralizing Antibody, आसान भाषा में समझें तो जब शरीर में किसी प्रकार का वायरस घुसता है (HIV Virus) तो हमारा इम्यून सिस्टम उसके खिलाफ एंटीबॉडी बनाता है. लेकिन HIV Virus के मामले में इम्यून सिस्टम सामान्य एंटीबॉडी पहचान नहीं पाता और वायरस शरीर में फैलता रहता है क्योंकि ये वायरस अपना रूप बदलता रहता है यानि म्यूटेंट बनाता है. यहां bnAb काम करता है. bnAb ऐसी एंटीबॉडी है जो HIV वायरस के अलग-अलग रूपों को पहचानती है और उन्हें खत्म करने में सक्षम होती है.

ट्रायल में क्या आया सामने

लेकिन ठहरिए. हर चीज के साथ कुछ चुनौतियाँ भी आती हैं. पहले चरण के ट्रायल में कुछ ऐसे संकेत भी मिले जिनको अलग चरण के ट्रायल में सुधार की जरूरत होगी. पहले ट्रायल में जिन लोगों को mRNA-नैनोपार्टिकल वैक्सीन दिए गए, उनमें 80% लोगों में न्युट्रलाइज़िंग एंटीबॉडी बनी यानि यह टीका इम्यून मैमोरी बनाए रखने में असरदार रहा. लेकिन इसके साथ ही कई लोगों में स्किन पर होने वाले रिएक्शन भी दिखे, हालांकि कोइ गंभीर परेशानी नहीं हुई लेकिन वैज्ञानिक इसको लेकर सर्तक हो गए, इसपर काम करने के लिए.

HIV Vaccine से जुड़े सवाल

इसके अलावा कुछ सवाल हैं जिनका जवाब आने वाले चरणों में जान लिया जाएगा. सबसे जरूरी सवाल है कि जो एंटीबॉडी बनी वो कितने समय के लिए शरीर में टिकेंगी? क्या अलग से बूस्टर डोज की जरूरत पड़ेगी? क्या ये वैक्सीन पहले से संक्रमित लोगों पर काम कर पाएगी या नहीं या फिर पहले ही इस वैक्सीन का टीका ले लिया जाएगी ताकि भविष्य में कोई बीमारी का खतरा न हो.

कौनसी कंपनी बना रही HIV Vaccine

अभी ये ट्रायल फेज 1 में हुआ था जिसमें पता किया जाता है कोई वैक्सीन कितनी सुरक्षित है या कितनी नहीं. असली परिणाम फेज 2 और फेज 3 में पता चलेगा जब अलग-अलग लोगों पर अलग-अलग हालातों में वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा. चैंसइन्स और Moderna जैसी कंपनियां अभी अगले चरण की तैयारी कर रही हैं, ताकि आगे चलकर एक व्यापक प्रभावशाली टीका तैयार किया जा सके.

बाजार में कब तक आएगी HIV Vaccine

अब तक जितनी भी जानकारी सामने आई है वो बताती है कि mRNA टेक्नोलॉजी से तैयार की जा रही वैक्सीन HIV से लड़ने की दिशा में सही कदम है. अगर आने वाले चरणों में वैज्ञानिक सफल रहते हैं तो HIV जैसी जानलेवा बिमारी से बचाव का रास्ता खुल जाता है. इससे उम्मीद भी जगती है कि आनेवाले सालों में HIV की वैक्सीन बाजार में उपलब्ध हो जाएगी.

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