📍 कोरबा, 21 अप्रैल 2026: जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं में कमी लाना, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना रहा।
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि तय समय सीमा में कार्य पूरे करें और संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग करें। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🚔 शराब पीकर वाहन चलाने पर लाइसेंस निरस्त
प्रशासन ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ऐसे मामलों में चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस सीधे निरस्त किए जाएंगे। हाल ही में एसईसीएल, बालको और एनटीपीसी के भारी वाहनों के चालकों के शराब सेवन के मामलों की समीक्षा भी बैठक में की गई।
🏍️ हेलमेट अनिवार्य, नियम तोड़ने पर सख्ती
दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है। तीन सवारी, ओवरस्पीड, बिना नंबर प्लेट, ब्लैक फिल्म, नो-पार्किंग और अन्य यातायात उल्लंघनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल न देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
🚧 ओवरलोड वाहनों पर निगरानी
ओवरलोड वाहनों को दुर्घटनाओं का बड़ा कारण मानते हुए परिवहन विभाग को नियमित जांच और उड़नदस्ता टीम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
⚠️ ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्य तेज
जिले के चिन्हित दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) पर सुधार के लिए कई उपाय तय किए गए हैं, जिनमें—
- झाड़ियों की सफाई
- अतिक्रमण हटाना
- सोल्डर भराई
- रेडियम साइन बोर्ड
- रंबल स्ट्रिप
- बेहतर प्रकाश व्यवस्था
- कोयला व फ्लाई ऐश मार्गों पर पानी छिड़काव
बैरा घाट, पोडीकला घाट, उरगा चौक, बालको ऐश डेक रोड समेत कई संवेदनशील मार्गों की समीक्षा की गई।
🎓 स्कूल-कॉलेज में जागरूकता अभियान
जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि स्कूलों और कॉलेजों में हेलमेट रैली, निबंध, क्विज और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाए। शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य करने पर जोर दिया गया।
🏥 आपातकालीन सहायता फंड बनेगा
दुर्घटनाओं में त्वरित मदद के लिए आपातकालीन सहायता फंड बनाने का निर्णय लिया गया। एसईसीएल, बालको सहित औद्योगिक इकाइयों को इसमें योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सड़क सुरक्षा समिति के नाम से बैंक खाता खोलकर पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की जाएगी।
💰 हिट एंड रन मामलों में मिलेगी सहायता
हिट एंड रन मामलों में मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी। घायलों के लिए कैशलेस उपचार और ‘राहवीर योजना’ के तहत मदद करने वालों को नगद पुरस्कार देने की योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। सख्त कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान चलाकर दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो चुकी है।

