महराजगंज,30जुलाई। महराजगंज जनपद के ठूठीबारी क्षेत्र स्थित पंचमुखी शिव मंदिर परिसर में सावन मेले के अवसर पर आयोजित ‘इटहिया मेला’ में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब ‘मौत के कुएं’ में स्टंट कर रहा एक युवक बाइक से असंतुलित होकर नीचे गिर गया। युवक के गिरते ही मेला स्थल पर चीख-पुकार मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हैरानी की बात यह रही कि युवक के गिरने के बाद भी बाइक बिना ड्राइवर के लगभग एक घंटे तक कुएं की दीवारों पर घूमती रही, जिससे वहां मौजूद सैकड़ों दर्शकों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक काफी तेज गति से बाइक चला रहा था और अचानक नियंत्रण खो बैठा। वह कुएं की दीवार से फिसलकर नीचे जा गिरा जबकि बाइक खुद-ब-खुद दीवारों पर घूमती रही। इससे वहां खड़े लोग घबरा गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आयोजन समिति के कुछ सदस्य और स्थानीय युवकों ने साहस दिखाते हुए कुएं में उतरकर बाइक को रोका और घायल युवक को बाहर निकाला। उसे तत्काल महराजगंज जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया है कि मौत के कुएं में गाड़ी चलाने वाले अधिकतर युवक गांजा, शराब और सिगरेट जैसे नशे के आदी हैं। इस हादसे ने मेला प्रशासन और मौत के कुएं के संचालकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कैसे नशे में धुत युवकों को ऐसे खतरनाक स्टंट करने की अनुमति दी जाती है? घटना के बाद यह स्पष्ट हो गया कि मेले में कोई प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, डॉक्टर या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम मौजूद नहीं थी। यहां तक कि हादसे के काफी देर बाद भी कोई चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में गहरी नाराजगी देखी गई।
मेले में मौजूद स्थानीय लोगों और दर्शकों ने प्रशासन और मेला समिति से तीखे सवाल पूछे हैं कि बिना किसी सुरक्षा प्रबंध, मेडिकल सुविधा और इमरजेंसी रिस्पॉन्स के ऐसे जानलेवा खेलों की इजाजत क्यों दी जाती है? यदि बाइक दर्शकों के बीच जा गिरती या युवक की मौत हो जाती, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती?



