Vedant Samachar

क्रेडिट कार्ड बना जी का जंजाल, मिडिल क्लास पर 33 हजार करोड़ का कर्ज

Vedant Samachar
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देश में मिडिल क्लास के ऊपर 33 हजार करोड़ रुपये का लोन बकाया है. ये लोन क्रेडिट कार्ड का है. जी हां, अपने खर्चों और शौक को पूरा करने के लिए धड़ल्ले से लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल का रहे हैं. लेकिन, उसका बकाया नहीं चुका पा रहे हैं. 3 महीने से लेकर 12 महीनों के बीच कार्ड से लिए पैसा को लोन 33,886.5 करोड़ पहुंच गया है, जो कि पिछले साल मार्च 2024 के 23,475.6 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 91-360 दिनों के ओवरड्यू वाले कैटेगरी के बकाया राशि में 44% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, 91-180 दिनों के कैटेगरी में बकाया राशि 29,983.6 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो कि पिछले साल के 20,872.6 करोड़ रुपये से अधिक है. इसके अलावा181-360 दिनों तक बकाया राशि 1.1 फीसदी हो गयई है, जो साल 2024 में 0.8 फीसदी था.

सालPAR 91-180PAR 91-180 (%)PAR 181-360PAR 181-360 (%)
मार्च 202315,717.5 करोड़6.61,608.6 करोड़0.7
मार्च 202420,872.6 करोड़6.92,603.0 करोड़0.9
मार्च 202529,983.6 करोड़8.23,902.9 करोड़1.1

तेजी से बढ़ रहा है यूज
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. मार्च 2025 तक क्रेडिट कार्ड से किए गए ट्रांजैक्शन्स की वैल्यू 21.09 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल के 18.31 लाख करोड़ रुपये से 15% ज्यादा है. वहीं, सिर्फ मई 2025 में 1.89 लाख करोड़ रुपये के पेमेंट्स क्रेडिट कार्ड से हुए. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डेटा के मुताबिक, मई 2025 तक क्रेडिट कार्ड की संख्या 11.11 करोड़ हो गई, जो जनवरी 2021 में सिर्फ 6.10 करोड़ थी.

इन दिनों बैंक और फिनटेक कंपनियां कैशबैक, ईएमआई पर काफी अट्रैक्टिव ऑफर्स देकर कस्टमर्स को लुभा रही हैं. इससे यूजर्स की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है. लेकिन, अगर टाइम पर पेमेंट नहीं किया तो 42-46% सालाना ब्याज देना पड़ सकता है, जो लोगों को कर्ज के जाल में फंसा सकता है. क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नौकरी पेशा लोग ज्यादा करते हैं. जिनको उम्मीद रहती है कि एक फिक्स तारीख को उनका तनख्वाह आ जाएगी और वह कार्ड की पेमेंट को चुका देंगे. हालांकि, खर्च और कमाई के बीच में बैलेंस नहीं बना पाने के चलते कार्ड की ईएआईपी नहीं जा पाती है और ओवरड्यू का डेटा बढ़ता जाता है.

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