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वेदांता एल्युमीनियम ने झारसुगुडा संयंत्र में प्राइमरी फाउंड्री अलॉय क्षमता का विस्तार किया

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रायपुर, 26 जुलाई (वेदांत समाचार)। वेदांता एल्युमीनियम ने अपने झारसुगुडा स्थित विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) यूनिट में प्राइमरी फाउंड्री अलॉय (पीएफए) क्षमता को 120 किलो टन प्रति वर्ष तक बढ़ाने की घोषणा की है। यह कदम भारत को ऑटो और इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए उन्नत एल्युमीनियम सॉल्यूशन के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में और मजबूत बनाता है।


वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा, “हमारी प्राइमरी फाउंड्री अलॉय क्षमता का विस्तार हमारे ग्राहकों के लिए मूल्य संवर्धन और भारत को उन्नत एल्युमीनियम समाधानों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।”

वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति


वेदांता एल्युमीनियम घरेलू बाजार में पीएफए का उत्पादन और आपूर्ति करने वाली पहली भारतीय कंपनी थी। प्राइमरी फाउंड्री अलॉय महत्वपूर्ण ऑटोमोटिव कम्पोनेंट्स के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।


वेदांता एल्युमीनियम ने अपनी झारसुगुडा यूनिट को स्पेन के बेफेसा से अत्याधुनिक कास्टिंग लाइनों के साथ-साथ अत्याधुनिक इन-लाइन मैटल ट्रीटमेंट, डिगैसिंग और वर्टिकल चिल कास्टिंग टेक्नोलॉजी से सुसज्जित किया है। यह तकनीकी दक्षता सुनिश्चित करती है कि वेदांता के पीएफए गुणवत्ता और विश्वसनीयता के उच्चतम मानकों पर खरे उतरें।


वेदांता एल्युमीनियम की विकास रणनीति का एक प्रमुख स्तंभ है- सस्टेनेबिलिटी। कंपनी की उपलब्धियों का प्रमाण इसके एल्युमीनियम स्टीवर्डशिप इनिशिएटिव (एएसआई) चेन ऑफ कस्टडी सर्टिफिकेशन से मिलता है, जो जिम्मेदार मैन्युफैक्चरिंग और सोर्सिंग का प्रमाण है।


वेदांता एल्युमीनियम का झारसुगुडा संयंत्र में पीएफए क्षमता का विस्तार न केवल बढ़ती क्षमता का संकेत देता है, बल्कि भारत और दुनिया के लिए हाई-परफॉर्मेंस अलॉय के भविष्य को आकार देने के लिए एक विचारशील, प्रौद्योगिकी-आधारित एवं सस्टेनेबल दृष्टिकोण का भी संकेत देता है।

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