Vedant Samachar

कोयला माफिया का काला खेल: एसईसीएल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल,खदानों से प्रतिदिन लगभग 3,000 टन कोयले की अवैध बिक्री

Vedant samachar
3 Min Read

कोरबा, 25 जुलाई 2025। कोरबा जिले की कुसमुंडा, दीपका और गेवरा खदानों से प्रतिदिन लगभग 3,000 टन कोयले की अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। यह खुलासा जांच एजेंसियों और जिला पुलिस की कार्रवाई में हुआ है।

पुलिस ने चार टेलीकॉम ट्रकों को जब्त किया है, जिनमें से प्रत्येक ट्रक में 84 टन से अधिक कोयला अवैध रूप से लोड किया गया था। इन ट्रकों को जानबूझकर खदान से बाहर लाया जाता, जांच के नाम पर चक्कर लगाया जाता, फिर वही ट्रक ‘जांच क्लियर’ के नाम पर फिर से खदान में कोयला लेकर घुसते।

इस पूरे रैकेट में ट्रकों के मालिक, डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) होल्डर, खदान के गेट पास जारी करने वाले और सतह निरीक्षक (सरफेस सुपरवाइजर) तक की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह अवैध कारोबार आज की उपज नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा सुनियोजित घोटाला है। ट्रकों को किस दिन, किस समय और किस रूट से ले जाना है — इसकी पूरी मैपिंग और सेटिंग तैयार रहती है।

इस मामले में एसईसीएल की खदान सुरक्षा व्यवस्था, वहां नियुक्त सुरक्षा गार्ड, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनें, और गेटपास सिस्टम सब कटघरे में हैं। कुसमुंडा थाना पुलिस ने सुरक्षा दस्तावेज, गार्ड रजिस्टर, और खनन प्रबंधन से संबंधित अधिकारियों की जांच भी शुरू कर दी है।

अब तक पुलिस ने चार टेलीकॉम ट्रकों को जब्त किया, उनके ड्राइवरों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। मोटरसाइकिल सवार संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है जो पूरे नेटवर्क के ‘संदेशवाहक’ के रूप में कार्य कर रहे थे।

यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में फैले सड़ांध का संकेत है — जहां अधिकारी, ठेकेदार, और कोल परिवहन माफिया की मिलीभगत से हजारों टन कोयला रोज़ाना गायब हो रहा है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन इस पूरे मामले में कितने दोषियों तक पहुंच पाता है और क्या वास्तव में कोयला माफिया का जड़ से सफाया होगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?

जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को सजा दिलानी चाहिए। इसके साथ ही, एसईसीएल की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना चाहिए ताकि भव

Share This Article