जम्मू-कश्मी,23जुलाई : जम्मू-कश्मी केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर भारी बारिश के चलते भूस्खलन की भयावह घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। रियासी जिले के बदोरा पहाड़ी क्षेत्र में मंगलवार रात हुए इस हादसे में दो युवकों की जान चली गई, जो एक तंबू में सो रहे थे। ये दोनों युवक मंदिर तक जाने वाले मार्ग की देखभाल कर रहे थे, लेकिन अचानक आई भूस्खलन की तेज चपेट ने उनकी जान ले ली।
भूस्खलन की दर्दनाक घटना
आपको बता दें कि रियासी जिले के माहोरे तहसील अंतर्गत बदोरा पहाड़ी में स्थित एक शिव मंदिर के पास ये दुखद घटना हुई। भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र में अचानक मलबा धसने लगा, जिससे तंबू में सो रहे रशपाल सिंह (26) और रवि कुमार (23) पूरी तरह दब गए। दोनों की मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मृतकों के शवों को मलबे से निकाला गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव उनके परिवारजनों को सौंप दिए जाएंगे।
माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हाल ही में हुई थी दूसरी भूस्खलन घटना
इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के कटरा में भी माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर सोमवार को एक भूस्खलन हुआ था। सुबह करीब 8 बजे बाणगंगा के पास हुई इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि दस से अधिक लोग घायल हुए थे। इस भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग पर बने शेड भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। यह मार्ग माता वैष्णो देवी यात्रा का प्रमुख और पुराना मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गुजरते हैं।
प्राकृतिक आपदाओं से बढ़ता खतरा
जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्र में मानसून के मौसम में भूस्खलन और लैंडस्लाइड जैसी घटनाएं आम हो जाती हैं, जो न केवल जान-माल का नुकसान करती हैं बल्कि सामान्य जीवन को भी बाधित कर देती हैं। रियासी और कटरा में हुई ये घटनाएं इस बात की ओर भी इशारा करती हैं कि बारिश के इस मौसम में सुरक्षा इंतजाम और सतर्कता अत्यंत आवश्यक हो जाती है।
प्रशासन की जिम्मेदारी और लोगों की सतर्कता
इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए प्रशासन को पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर पूर्वानुमान तकनीक और त्वरित राहत कार्यों को और मजबूत करना होगा। साथ ही स्थानीय लोगों को भी इन मौसमीय खतरों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और सुरक्षा उपायों का पालन करना चाहिए।



