बहरेपन का कारण बन सकता है हेडफोन का ज्यादा इस्तेमाल, जानें एक दिन में कितने घंटे करना चाहिए यूज

मुंबई : अगर हेडफोन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो आप इस खबर को जरूर पढ़ें. दिनभर हेडफोन लगाए रखना ओवरओल हेल्थ के लिए खतरनाक हो सकता है.सुनने की शक्ति के साथ-साथ कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं. आइए जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट क्या कहते हैं.

डिजिटल युग में हेडफोन और ईयरफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गए हैं. ज्यादातर युवा इसके बिना तो घर से भी नहीं निकल पाते हैं. म्यूजिक सुनना, वीडियो देखना या कॉल अटेंड करना हो अधिकांश जगहों पर हेडफोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. लोग घंटों तक हेडफोन लगाए रखते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि हेडफोन का लगातार इस्तेमाल आपके कान को इस कदर खराब कर सकता है कि आपकी सुनने की शक्ति भी खत्म हो सकती है. आप हमेशा के लिए बहरेपन का शिकार हो सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि हर दिन कितने घंटे हेडफोन का इस्तेमाल करना सही है.

अगर आप भी दिनभर हेडफोन लगाए रखते हैं तो ये खबर आपके लिए जरूरी है. क्योंकि आज बहुत से लोग दिनभर हेडफोन लगाकार काम करते हैं यहां तक कि घर, ऑफिस और मार्केट में भी लोग कानों में हेडफेन लगाए रहते हैं. कुछ लोग तो रात के समय भी कान में हेडफोन लगाकर सो जाते हैं, लेकिन हेडफोन का इस्तेमाल हमेशा करना या लंबे समय तक ऊंची आवाज में गाने सुनना कानों की सेहत को खराब कर सकता है. यहां तक कि कानों का पर्दा भी फट सकता है. जिससे आप बहरेपन का शिकार हो सकते हैं. विशेषज्ञ कहते हैं कि 60 मिनट से ज्यादा हेडफोन नहीं लगाएं और वॉल्यूम 60% से अधिक ना सुने.

क्या है 60-60 का नियम, एक्सपर्ट क्यों इसे अपनाने की सलाह देते हैं ?
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आप हेडफोन का इस्तेमाल करते हैं तो कुछ ही समय के लिए करें. जैसे 1 घंटे से अधिक इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के ईएनटी विभाग के पूर्व रेजिडेंट डॉ. कृष्ण कुमार बताते हैं कि हेडफोन को लेकर 60-60 नियम अपना सकते हैं. यानी हेडफोन का 60 मिनट से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और वॉल्यूम 60% से ज्यादा नहीं रखना चाहिए. अगर आप इससे ज्यादा वक्त तक हेडफोन लगाए रखते हैं, तो कानों पर दबाव बढ़ता है, जिससे सुनने की शक्ति प्रभावित हो सकती है.

अगर आप इसका यूज अधिक करते हैं तो कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इससे ना सिर्फ आपकी सुनने की क्षमता खत्म हो सकती है, बल्कि सिरदर्द, चक्कर और भ्रम की स्थिति भी पैदा हो सकती है. इसलिए रोजना इसका इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए.

क्यों नुकसानदायक है हेडफोन का ज्यादा इस्तेमाल?
हेडफोन से निकलने वाली तेज आवाज सीधे कानों के अंदर जाती है. जो कान के अंदर छोटी-छोटी सेल्स को नुकसान पहुंच सकता है. ये सेल्स हमारी सुनने की शक्ति को बनाए रखते हैं. अगर ये क्षतिग्रस्त हो गए तो कान से सुनाई देना धीरे-धीरे कम होने लगता है.

हेडफोन इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
गैजेट्स का वॉल्यूम 60% से ज्यादा नहीं रखना चाहिए.


अगर आप अधिक समय तक हेडफोन के साथ काम करना चाहते हैं तो हर 30-40 मिनट में ब्रेक लें. ताकि कानों को आराम मिल सकें


ईयरफोन की बजाय हेडफोन का इस्तेमाल करें, क्योंकि ईयरफोन सीधे कान में होता है और ज्यादा नुकसान करता है.


अगर पॉसिबल हो तो स्पीकर का यूज करें, जिससे कानों पर कम असर पड़े.


नॉइज कैंसिलिंग हेडफोन यूज करें, ताकि कम वॉल्यूम में भी क्लियर साउंड सुन सकें.


ब्लूटूथ और वायरलेस हेडफोन से निकलने वाले रेडिएशन से बचने के लिए इन्हें कम से कम यूज़ करें.