AC या ओपन विंडो? गर्मियों में कौन बचाता है ज्यादा फ्यूल, जानें सच्चाई – vedantsamachar.in

AC या ओपन विंडो? गर्मियों में कौन बचाता है ज्यादा फ्यूल, जानें सच्चाई

गर्मी आते ही ड्राइवरों के सामने यही सवाल आता है क्या एसी का इस्तेमाल करें या ईंधन बचाने के लिए खिड़कियां खोल लें? कई लोगों का मानना ​​है कि एसी बंद करने से हमेशा पेट्रोल की बचत होती है. लेकिन असलियत इतनी सरल नहीं है. ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी तेज़ गाड़ी चला रहे हैं.

गाड़ी की स्पीड
सबसे अहम बात गाड़ी की स्पीड होती है. अगर आप शहर में 4045 किमी/घंटा से कम स्पीड पर गाड़ी चला रहे हैं, तो खिड़कियां खोलकर चलाना ज्यादा फ्यूल बचाने वाला होता है. ऐसी धीमी रफ्तार में हवा का दबाव बहुत कम होता है, इसलिए खुले शीशों का गाड़ी पर ज्यादा असर नहीं पड़ता.

कार में AC चलाने से इंजन पर थोड़ा ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे फ्यूल की खपत बढ़ जाती है. लेकिन जब गाड़ी की स्पीड 5060 किमी/घंटा से ज्यादा हो जाती है, तो स्थिति बदल जाती है. तेज रफ्तार में खिड़कियां खोलने से हवा का बहाव बिगड़ता है और गाड़ी पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ऐसे में AC चलाना बेहतर ऑप्शन होता है.

कार का AC इंजन की मदद से चलता है
आपकी कार का AC इंजन की मदद से चलता है. जब आप इसे ऑन करते हैं, तो यह लगभग 3 से 7 हॉर्सपावर तक की पावर इस्तेमाल करता है. इस वजह से फ्यूल की खपत बढ़ सकती है और माइलेज 10% से 25% तक कम हो सकता है, खासकर बहुत गर्म मौसम में.इसी कारण, जब ट्रैफिक धीमा होता है और इंजन पहले से ही कम स्पीड पर ज्यादा मेहनत कर रहा होता है, तब AC चलाने से ईंधन की खपत और भी ज्यादा बढ़ जाती है.

विंडोज़ खुले होने पर क्या होता है
खिड़कियां खोलकर गाड़ी चलाने से सीधे तौर पर इंजन पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता. लेकिन इससे गाड़ी की एयरोडायनामिक्स (हवा के साथ चलने की क्षमता) प्रभावित होती है. आज की कारें इस तरह डिजाइन की जाती हैं कि वे हवा को आसानी से काटते हुए आगे बढ़ें.

जब आप तेज स्पीड पर खिड़कियां खोलते हैं, तो हवा का बहाव सही तरीके से नहीं रहता और गाड़ी पर ज्यादा खिंचाव (ड्रैग) बनता है. ये ड्रैग एसयूवी में लगभग 8% और छोटी कारों में 20% तक बढ़ सकता है. इस अतिरिक्त खिंचाव को पूरा करने के लिए इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे फ्यूल की खपत भी बढ़ जाती है.

शहर vs हाईवे
शहर के ट्रैफिक में, जहां स्पीड कम होती है और बार-बार रुकना पड़ता है, वहां खिड़कियां खोलकर चलाना AC के मुकाबले ज्यादा फ्यूल बचाने वाला होता है. इससे ईंधन की खपत कम होती है.वहीं हाईवे पर, जहां गाड़ी लगातार तेज स्पीड में चलती है, वहां AC का इस्तेमाल ज्यादा सही और किफायती होता है. इस स्थिति में खिड़कियां बंद रखने से गाड़ी हवा को आसानी से काटती है और बेहतर चलती है.

माइलेज का फर्क बहुत ज्यादा नहीं होता
असल ड्राइविंग में AC और खिड़कियों के बीच माइलेज का फर्क बहुत ज्यादा नहीं होता, आमतौर पर सिर्फ 12 किलोमीटर प्रति लीटर का अंतर देखने को मिलता है. लेकिन लंबे समय में यह छोटा फर्क भी फ्यूल खर्च पर असर डाल सकता है.कुछ आसान तरीकों से आप कार को ठंडा भी रख सकते हैं और फ्यूल भी बचा सकते हैं. पहले गाड़ी में बैठने से पहले खिड़कियां कुछ देर खोलें ताकि गर्म हवा बाहर निकल जाए. फिर AC ऑन करने के बाद रीसर्कुलेशन मोड का इस्तेमाल करें, इससे AC पर ज्यादा लोड नहीं पड़ता.

ज्यादा कूलिंग का इस्तेमाल न करें
हमेशा ज्यादा कूलिंग का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे इंजन पर दबाव बढ़ता है और फ्यूल ज्यादा खर्च होता है. अगर गाड़ी को छांव में पार्क करें या सनशेड का इस्तेमाल करें, तो केबिन ठंडा रहता है और AC की जरूरत कम पड़ती है.आखिर में, धीमी स्पीड पर खिड़कियां बेहतर हैं और तेज स्पीड पर AC ज्यादा सही है. सही तरीका आपकी ड्राइविंग स्थिति पर निर्भर करता है.