Vedant Samachar

डाइट या मल्टीविटामिन: क्या है सेहत के लिए ज्यादा बेहतर

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आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग अक्सर सोचते हैं कि क्या रोज़ की डाइट से सभी जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं या फिर मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स लेना ज़्यादा फायदेमंद है? एक तरफ घर का बना संतुलित खाना है जिसमें प्राकृतिक रूप से मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं. तो दूसरी तरफ दवाओं के रूप में मिलने वाले मल्टीविटामिन्स हैं जो समय और सुविधा दोनों के लिहाज से आसान लगते हैं. लेकिन सवाल ये है कि क्या ये सप्लीमेंट्स हमारी सेहत को उतना ही फायदा पहुंचा सकते हैं जितना एक पौष्टिक डाइट? एक्सपर्ट्स की राय जानकर आप सही फैसला ले सकते हैं.

डाइट: नेचुरल पोषण का सबसे अच्छा स्रोत है.अगर आपकी डाइट संतुलित और विविधता से भरपूर है तो ज्यादातर ज़रूरी पोषक तत्व आपको खाने से ही मिल सकते हैं. ताज़े फल, सब्जियां, दालें, दूध, अनाज और नट्स जैसे प्राकृतिक स्रोतों में वो सभी विटामिन्स, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर की इम्यूनिटी को मज़बूत रखने और बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. इसके अलावा, नेचुरल फूड से मिलने वाले पोषक तत्व शरीर में अच्छे से अब्ज़ॉर्ब भी होते हैं.

मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स की जगह किन खाने से मिल जाते हैं ज़रूरी पोषक तत्व?

दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मेडिसिन विभाग में डॉ. अजीत कुमार बताते हैं किअगर आपकी डाइट संतुलित और पोषक होती है तो अक्सर मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स की ज़रूरत ही नहीं पड़ती. रोज़मर्रा के कई सामान्य खाने में वो ज़रूरी विटामिन्स और मिनरल्स मिल जाते हैं जो आपके शरीर को स्वस्थ रखने के लिए चाहिए होते हैं. आइए जानें कौन-से फूड्स हैं मल्टीविटामिन जैसे:

हरी सब्जियां– पालक, मेथी, सरसों, ब्रोकली, पत्तागोभी इनमें विटामिन A, C, K, फोलेट, आयरन और फाइबर भरपूर होते हैं.

फ्रूट्स– आंवला, संतरा, अमरूद, केला, सेब, पपीता ये विटामिन C, पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत हैं.

अंडा और डेयरी प्रोडक्ट्स– अंडा, दूध, दही, पनीर इनमें विटामिन B12, विटामिन D, कैल्शियम और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है.

दालें, बीन्स और नट्स– राजमा, छोले, मूंग, मसूर, बादाम, अखरोट ये फूड्स विटामिन B कॉम्प्लेक्स, आयरन, जिंक और मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं.

मछली और सी फूड– सैल्मन, टूना, झींगा विटामिन D, B12, ओमेगा-3 फैटी एसिड और जिंक का अच्छा स्रोत हैं (नॉनवेज खाने वालों के लिए).

अनाज और बीज– ओट्स, ब्राउन राइस, चिया सीड्स, अलसी इनमें फाइबर, विटामिन B1, B3, आयरन और हेल्दी फैट्स होते हैं.

मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स- ज़रूरत या आदत?

आजकल लोग थकान, कमजोरी, बाल झड़ना, या स्किन की दिक्कत होते ही मल्टीविटामिन लेना शुरू कर देते हैं. लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक ये सिर्फ उन लोगों के लिए ज़रूरी होते हैं जिनमें किसी खास पोषक तत्व की हो- जैसे कि प्रेग्नेंसी, बुज़ुर्ग लोग या कोई गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति. बिना ज़रूरत के लंबे समय तक सप्लीमेंट्स लेना शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है जैसे- लिवर पर असर, अपच या अन्य साइड इफेक्ट्स.

कब ज़रूरत होती है मल्टीविटामिन की?

मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स तब ज़रूरी होते हैं जब शरीर में किसी विशेष पोषक तत्व की कमी हो जाती है या हमारी रोज़ की डाइट से वह पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा होताक्या है बेहतर विकल्प? अगर आपकी डाइट संतुलित है और आप हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करते हैं तो अलग से मल्टीविटामिन लेने की ज़रूरत नहीं होती.

लेकिन अगर किसी टेस्ट में यह साबित हो जाए कि किसी खास विटामिन की कमी है (जैसे विटामिन D, B12 या आयरन), तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लिया जा सकता है. मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स कोई शॉर्टकट नहीं हैं, बल्कि एक मेडिकल ज़रूरत होनी चाहिए. शरीर की असली ताकत और हेल्दी इम्यून सिस्टम के लिए सबसे जरूरी है पौष्टिक खाना, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद.

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