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KORBA: मोहनीश को मिला उपसंचालक पंचायत का प्रभार

KORBA: मोहनीश को मिला उपसंचालक पंचायत का प्रभार

कोरबा, 19 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा उप संचालक कोरबा के पद पर पदस्थ सहायक संचालक जुली तिर्की का स्थानांतरण उपरांत कलेक्टर ने उन्हें नवीन पदस्थापना स्थल सारंगढ़ -बिलाईगढ़ जिले के लिए भारमुक्त कर दिया है। उनकी जगह जिला पंचायत कोरबा में पदस्थ सहायक परियोजना अधिकारी मोहनीश आंनद देवांगन को आगामी आदेश पर्यंत उप संचालक पंचायत कोरबा का प्रभार सौंपा गया है।

गौरतलब हो कि प्रभारी उप संचालक पंचायत ,सहायक संचालक पंचायत जूली तिर्की को शासन ने 27 नवंबर 2024 को जारी स्थानांतरण आदेश के तहत नवीन पदस्थापना स्थल सारंगढ़ ; बिलाईगढ़ जिले में प्रभारी उप संचालक पंचायत के पद पर पदस्थ कर दिया था।

आदिवासी बाहुल्य जिला होने की वजह से रिलीवर (एवजीदार ) नहीं आने एवं पंचायत चुनाव जैसे अति महत्वपूर्ण कार्य की वजह से नियमानुसार उन्हें भारमुक्त नहीं किया जा सका था। अगस्त 2024 में उन्हें जिला पंचायत कोरबा के सीईओ (मुख्य कार्यपालन अधिकारी) का अस्थायी प्रभार भी दिया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान पंचायत संचालन व्यवस्था में अनुशासन और गति दोनों ही देखने को मिले।2025 के पंचायत चुनावों के दौरान भी जूली तिर्की को सहायक रिटर्निंग अधिकारी के रूप में कोरबा में निर्वाचन प्रक्रिया में प्रशासनिक भूमिका निभाने हेतु तैनात किया गया था। इस बीच संचालक पंचायत के आदेशानुसार उन्हें नवीन पदस्थापना स्थल के लिए शुक्रवार को कलेक्टर ने भारमुक्त कर दिया है। उनकी जिला पंचायत कोरबा में सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर पदस्थ मोहनीश आंनद देवांगन को आगामी आदेश पर्यंत उप संचालक पंचायत कोरबा का प्रभार सौंपा गया है।

जनपद सीईओ के रूप में मोहनीश की दिखी थी कार्यकुशलता, मिलेगा लाभ

गौरतलब हो कि सहायक परियोजना अधिकारी मोहनीश आंनद देवांगन अभी तक के अपनी सेवाकाल एक ऊर्जावान लगनशील ,कार्यकुशल लोक सेवक के रूप में पहचान बनाई है। उन्होंने जून 2024 से अप्रैल 2025 के मध्य मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत करतला के पद पर भी उल्लेखनीय सेवाएं दी है। इनके कार्यकाल में शासन की योजनाओं को अपेक्षित गति मिली थी। 5 से 8 वर्षों से लंबित करोड़ों के अपूर्ण अधोसंरचनात्मक विकास कार्य पूरे हुए थे। विकास कार्यों की शासकीय राशि दबाने वाले दर्जनों सरपंच -सचिवों के खिलाफ आरआरसी वसूली हेतु प्रकरण एसडीएम कोर्ट भेजे गए थे। निश्चित रुप से इनकी इस कार्यशैली का लाभ प्रभारी उप संचालक पंचायत के रूप में जिले को देखने को मिलेगा।

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Vedant samachar