Vedant Samachar

CG BREAKING: छत्तीसगढ़ में माओवाद की उलटी गिनती शुरू! बस्तर में 281 नक्सली मारे, खुद संगठन ने मानी हार

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जगदलपुर, बस्तर । छत्तीसगढ़ के बस्तर रेंज में माओवादी हिंसा के खिलाफ सुरक्षा बलों की एक बड़ी जीत सामने आई है। प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि बीते एक साल में देशभर में 357 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें 4 केंद्रीय समिति सदस्य और 15 राज्य समिति स्तर के वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

यह खुलासा माओवादी संगठन द्वारा जारी 24 पेज की आंतरिक पुस्तिका में किया गया है, जिसने साफ कर दिया है कि संगठन आज अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है।

दंडकारण्य में सबसे बड़ी चोट, महिलाएं भी बनीं ‘मानव ढाल’

  • अकेले दंडकारण्य विशेष ज़ोनल कमेटी को 281 नक्सलियों के मारे जाने का नुकसान हुआ है।
  • मारे गए कुल 357 में से 136 महिलाएं थीं, जो माओवादियों द्वारा उन्हें सुरक्षा बलों के खिलाफ मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किए जाने का भयावह सच उजागर करता है।

IGP सुंदरराज का बड़ा बयान:

“माओवाद अब टूटने की कगार पर है। लगातार ऑपरेशनों और जनसमर्थन ने इसे सबसे कमजोर स्थिति में ला दिया है।”
– सुंदरराज पट्टलिंगम, आईजीपी बस्तर रेंज

उन्होंने आगे कहा,
“यह सिर्फ एक सुरक्षा लड़ाई नहीं है, बल्कि आदिवासी अंचलों को शांति, सम्मान और विकास दिलाने का संकल्प है। जो माओवादी आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, वे सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर एक नई ज़िंदगी शुरू कर सकते हैं।”

सुरक्षा बलों की रणनीति बनी गेमचेंजर:

  • सूचना आधारित ऑपरेशनों, स्थानीय जनभागीदारी और विकास योजनाओं के साथ समन्वय ने बस्तर में शांति की नई उम्मीद जगाई है।
  • आईजीपी ने स्पष्ट किया कि यह “एकजुट और दूरदर्शी प्रयासों का परिणाम” है, जो सरकार की जन-कल्याणकारी सोच को दर्शाता है।

अपील: अब बंद करें बंदूकें, लौटें घर

आईजी बस्तर ने माओवादी कैडरों से हिंसा का रास्ता त्यागने की अपील करते हुए कहा,
“अब समय है सही निर्णय लेने का – अपने परिवारों के पास लौटें, समाज की मुख्यधारा में आएं और छत्तीसगढ़ को शांति और विकास की ओर आगे बढ़ाएं।”

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