Vedant Samachar

समुद्र में डूब रहा दुनिया का सबसे चमत्कारी Kansai International Airport … जानिए क्या है वजह

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नई दिल्ली,10जुलाई : दुनिया का सबसे फेमस एयरपोर्ट में से एक कंसाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब एक गंभीर पर्यावरणीय और संरचनात्मक संकट का सामना कर रहा है। यह एयरपोर्ट जापान के ओसाका बे में समुद्र के बीच दो कृत्रिम द्वीपों पर बनाया गया था और 1994 में जब यह खुला, तो इसे भविष्य की इंजीनियरिंग का एक अनोखा नमूना माना गया। लेकिन आज यह एयरपोर्ट धीरे-धीरे समुद्र में समा रहा है, जिससे जापानी प्रशासन और इंजीनियरिंग समुदाय की चिंता बढ़ती जा रही है।

डिजाइन में था दम, लेकिन मिट्टी निकली कमजोर

दरअसल, कंसाई एयरपोर्ट की नींव नरम समुद्री मिट्टी पर रखी गई थी, जिसे शुरू में विशेष डिजाइन तकनीकों से स्थिर करने की कोशिश की गई थी। निर्माण के दौरान वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को अनुमान था कि द्वीप धीरे-धीरे धंसेगा, लेकिन इसकी गति ने सभी को चौंका दिया। रिपोर्ट के अनुसार, एयरपोर्ट की सतह अब तक 13.6 मीटर तक धंस चुकी है, और केवल पहले आठ वर्षों में ही यह लगभग 12 मीटर नीचे चला गया था।

2024 की स्थिति और खतरे की घंटी

बता दें कि The Straits Times की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में द्वीप का पहला हिस्सा हर साल औसतन 6 सेंटीमीटर और दूसरा हिस्सा 21 सेंटीमीटर तक नीचे धंस रहा है। कुछ स्थानों पर 17.47 मीटर तक की जमीन बैठ चुकी है। द्वीप की सतह अब तक 3.84 मीटर तक और नीचे जा चुकी है, जिससे खतरे की गंभीरता और बढ़ गई है। यह स्थिति स्पष्ट रूप से बताती है कि एयरपोर्ट की संरचना समुद्र की बढ़ती चुनौतियों का सामना नहीं कर पा रही।

समुद्र का बढ़ता स्तर बना चुनौती

एयरपोर्ट पर केवल इसकी नींव ही खतरे में नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन, समुद्र का बढ़ता जलस्तर, और प्राकृतिक आपदाएं भी इसे लगातार प्रभावित कर रही हैं। वर्ष 2018 में आए टाइफून जेबी के दौरान एयरपोर्ट पर भारी बाढ़ आ गई थी, जिससे इसका संचालन कुछ समय के लिए ठप करना पड़ा। इस घटना ने एयरपोर्ट की भौगोलिक कमजोरी को उजागर कर दिया।

कैसे रोके एयरपोर्ट को डूबने से ?

कंसाई एयरपोर्ट को स्थिर बनाए रखने के लिए जापान सरकार और इंजीनियरों की टीमें लगातार काम कर रही हैं। अब तक 150 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि इस संकट से निपटने के लिए खर्च की जा चुकी है। इसमें समुद्री दीवारों को मजबूत करना, पानी के दबाव को कम करने के लिए वर्टिकल सैंड ड्रेन सिस्टम लगाना जैसे प्रयास शामिल हैं। हालांकि इन तकनीकों से कुछ हद तक राहत मिली है, पर दीर्घकालीन समाधान अब भी दूर है।

इसके बावजूद तकनीकी दक्षता का प्रतीक

गौर करने वाली बात यह है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद कंसाई एयरपोर्ट ने 10 वर्षों से अधिक समय तक बैगेज लॉस का एक भी मामला रिपोर्ट नहीं होने का रिकॉर्ड बनाए रखा है। वर्ष 2024 में इसे दुनिया का बेस्ट लगेज हैंडलिंग एयरपोर्ट घोषित किया गया। यह साबित करता है कि ऑपरेशनल मामलों में एयरपोर्ट अब भी अत्यंत दक्ष है।

अभी भी बना है इंटरनेशनल हब

वर्तमान में कंसाई एयरपोर्ट 91अंतरराष्ट्रीय शहरों के साथ जुड़ा हुआ है और 2024 में यहां से 30.6 मिलियन से अधिक यात्रियों ने यात्रा की। यह एयरपोर्ट जापान के व्यापार, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय संपर्क के लिए अब भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। कंसाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक समय पर मानव कौशल और तकनीकी नवाचार का प्रतीक था, लेकिन अब यह जलवायु संकट, समुद्री भूगर्भीय चुनौतियों और डिजाइन की सीमाओं के कारण एक इंजीनियरिंग चेतावनी बनता जा रहा है। जापान को यदि इस एयरपोर्ट को भविष्य में भी चालू रखना है, तो उसे और भी बड़े संरचनात्मक उपाय और पर्यावरणीय रणनीतियाँ अपनानी होंगी।

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