गुजरात,30जून: गुजरात सरकार ने आम लोगों खासकर निम्न और मध्यम आय वर्ग (LIG-MIG) के लिए राहत भरी बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ऐसे मामलों में स्टाम्प शुल्क में 80% की छूट देने का निर्णय लिया है, जहां संपत्ति का हस्तांतरण सोसायटी, एसोसिएशन या गैर-व्यावसायिक संस्थाओं द्वारा किया जाता है। इसका मतलब यह है कि अब लोगों को संपत्ति के ट्रांसफर पर केवल 20% स्टाम्प शुल्क देना होगा, जबकि पहले उन्हें पूरा शुल्क देना पड़ता था। यह फैसला गुजरात स्टाम्प अधिनियम, 1958 की धारा 9(ए) के तहत लिया गया है और इसका लाभ मुख्य रूप से घरों के हस्तांतरण में मिलेगा, खासकर जब कोई सोसायटी कोई संघ (Association) या गैर-व्यापारिक संस्था आवंटन पत्र या शेयर सर्टिफिकेट के जरिए किसी को संपत्ति ट्रांसफर करती है।
क्या है खास बात इस फैसले में?
-अब केवल मूल स्टाम्प शुल्क का 20% देना होगा।
-अगर कोई दंड भी जुड़ा है, तो भी कुल राशि पहले से अधिक नहीं होगी।
-लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
-यह राहत कदम राज्य सरकार के राजस्व विभाग की ओर से लागू किया गया है।
किन पर पड़ेगा इसका असर ?
यह छूट उन लोगों को मिलेगी जो निम्न या मध्यम आय वर्ग से हैं और जिनके नाम पर हाउसिंग सोसायटी संघ या ट्रस्ट द्वारा संपत्ति ट्रांसफर की जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस फैसले से यह दिखाया है कि वे आम जनता की आर्थिक परेशानियों को समझते हैं और उन्हें राहत देने के लिए जन-हितैषी और व्यावहारिक कदम उठाने को तैयार हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह निर्णय नागरिकों को राहत देने वाला है और अतिरिक्त दंड से बचाएगा।



