नई दिल्ली,28जून : क्रिकेट एक बार फिर बदला-बदला सा दिखाई देने वाला हैं। दरअसल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने टेस्ट, वनडे और टी20 के कई नियमों में बदलाव किया है। जिससे खेल और भी निष्पक्षता के साथ खेला जाएगा।
अब टेस्ट में भी लगेगा ‘स्टॉप क्लॉक’
टी20 और वनडे में लागू हो चुके ‘स्टॉप क्लॉक’ नियम को अब टेस्ट में भी लागू किया गया है। इसके तहत फील्डिंग टीम को एक ओवर खत्म होने के 60 सेकंड के भीतर अगला ओवर शुरू करना होगा। दो चेतावनी के बाद देरी होने पर हर बार 5 रन की पेनल्टी लगेगी। यह नियम 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में लागू रहेगा।
जानबूझकर शॉर्ट रन पर पेनल्टी
नए नियमों के अनुसार, अगर बल्लेबाज जानबूझकर शॉर्ट रन लेता है, तो अंपायर न केवल 5 रन की पेनल्टी लगाएंगे, बल्कि फील्डिंग टीम को यह तय करने का अधिकार होगा कि अगली गेंद पर कौन बल्लेबाज स्ट्राइक पर होगा।
अब सलाइवा पर गेंद नहीं बदलेगी
कोविड के बाद सलाइवा पर बैन लगा दिया गया था, लेकिन अब आईसीसी ने इसमें और सख्ती ला दी है। अगर गेंद पर सलाइवा पाई जाती है, तो अंपायर सिर्फ तभी गेंद बदलेंगे जब उसकी स्थिति में भारी बदलाव हो। अब टीमें जानबूझकर गेंद बदलवाने के लिए सलाइवा का सहारा नहीं ले सकेंगी।
DRS नियमों में बड़ा बदलाव
पहले यदि कैच आउट पर DRS लिया जाता था और वह खारिज होता था, तो LBW की जांच डिफॉल्ट ‘नॉट आउट’ के रूप में होती थी। लेकिन अब अगर कैच फेल होता है और गेंद पैड से टकराई है, तो टीवी अंपायर बॉल-ट्रैकिंग से LBW की भी जांच करेगा और बल्लेबाज आउट पाया गया तो वह आउट माना जाएगा।
ये नियम भी जान लें
एक ही गेंद पर दो अपीलों के मामलों में नया नियम कहता है कि अगर पहली अपील में ही बल्लेबाज आउट हो जाता है, तो दूसरी अपील को जांचा ही नहीं जाएगा। इससे निर्णय प्रक्रिया तेज और स्पष्ट हो जाएगी।
कैच और नो बॉल
पहले यदि गेंद नो बॉल होती थी तो कैच वैध है या नहीं, इसकी जांच नहीं होती थी। लेकिन अब तीसरा अंपायर नो बॉल होने के बावजूद कैच की निष्पक्षता की जांच करेगा। अगर कैच क्लीन है तो बल्लेबाजी टीम को केवल एक रन मिलेगा, और यदि कैच वैध नहीं है, तो रन भी जुड़ेंगे।
वनडे में नई गेंद सिर्फ 35 ओवर के बाद
अब वनडे क्रिकेट में 35वें ओवर के बाद एक ही नई गेंद का इस्तेमाल होगा। पहले दोनों छोर से 25-25 ओवर के लिए दो नई गेंदें ली जाती थीं। इस बदलाव से गेंदबाजों को खासकर डेथ ओवर्स में मदद मिलेगी।
बाउंड्री कैच को लेकर बड़ा बदलाव
नए नियम के अनुसार बाउंड्री के बाहर से गेंद को छूकर कैच लेने की अनुमति अब केवल एक बार के उछाल तक ही सीमित होगी। यानी कोई भी फील्डर गेंद को बाउंड्री के बाहर से दो बार उछाल कर कैच नहीं पकड़ सकेगा।



