मुंबई : महाकुंभ और शेयर बाजार का रिश्ता कुछ अजीब सा है. साल 2004 से लेकर अब 7 बार कुंभ का आयोजन हो चुका है. इन तमाम आयोजनों के दौरान शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली है. डाटा को देखें तो इस बार 2004 से अब तक शेयर बाजार में तीसरी सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
जिस दिन महाकुंभ की शुरुआत हुई थी, उसी दिन सैमको सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट आई थी. इस रिपोर्ट में एक दिलचस्प आंकलन किया गया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि बीते 20 बरस में 6 बार कुंभ का आयोजन हुआ और उन तमाम आयोजनों के दौरान शेयर बाजार ने निवेशकों को काफी नुकसान कराया. इस बार भी रिवायत में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है.
आंकड़ों को देखें तो शेयर बाजार में महाकुंभ के दौरान 3.50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है. महाकुंभ के आखिरी दिन शेयर बाजार बंद है, लेकिन उससे पहले तक शेयर बाजार निवेशकों को 33 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. आइए आपको भी आंकड़ों से समझाने कोशिश करते हैं कि आखिर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 13 जनवरी से पहले किस लेवल पर दिखाई दे रहे थे और मौजूदा लेवल समय में किस लेवल पर आ चुके हैं.
सेंसेक्स हुआ क्रैश
महाकुंभ के शुरुआत होने से पहले यानी 10 जनवरी के दिन जब शेयर बाजार बंद हुआ था तब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 77,378.91 अंकों पर था. महाकुंभ के बाद से अब तक यानी आखिरी दिन तक सेंसेक्स 74,602.12 अंकों पर आ चुका है. इसका मतलब है कि सेंसेक्स में 2,776.79 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. यानी सेंसेक्स निवेशकों को 3.59 फीसदी का नुकसान करा चुका है. ये लगातार 7वां ऐसा मौका है जब सेंसेक्स में गिरावट देखने को मिली है. साल 2021 के दौरान सेंसेक्स में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली थी.
निफ्टी में भी बड़ी गिरावट
अगर बात नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी में भी इस दौरान बड़ी गिरावट देखने को मिली है. आंकड़ों को देखें तो 10 जनवरी को निफ्टी 23,381.60 अंकों पर दिखाई दिया था. जो 25 फरवरी को 22,547.55 अंकों पर आ चुका है. इसका मतलब है कि निफ्टी में अब तक 834.05 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. इस दौरान निफ्टी से निवेशकों को 3.57 फीसदी का नुकसान हो चुका है. अब आप समझ सकते हैं निवेशकों की डुबकी शेयर बाजार में कितनी गहरी देखने को मिली है.
लगातार 7वी बार गिरा शेयर बाजार
खास बात तो ये है कि महाकुंभ के दौरान शेयर बाजार में लगातार 7वीं बार गिरावट देखने को मिली है. साल 2004 में सेंसेक्स में महाकुंभ के दौरान 3.3 फीसदी की गिरावट देखी गई थी. 2010 में 1.2 फीसदी, 2013 के दौरान 1.3 फीसदी, 2015 सबसे ज्यादा 8.3 फीसदी, 2016 में 2.4 फीसदी और साल 2021 में 4.2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी. अब साल 2025 में भी सेसेंक्स 3.5 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है.
लगातार 5 महीना गिरावट ओर शेयर बाजार
खास बात तो ये है शेयर बाजार लगातार 5वें गिरावट की ओर बढ़ रहा है. अक्टूबर महीने से लेकर फरवरी तक निफ्टी में गिरावट देखने को मिल रही है. आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर के महीने में निफ्टी में 6.22 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. नवंबर में 0.31 फीसदी, दिसंबर में 2.08 फीसदी, जनवरी 2.01 फीसदी और फरवरी में अब तक 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है.
25 फरवरी को सेंसेक्स में आया था उछाल
बीएसई सेंसेक्स में मंगलवार को पिछले कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर विराम लगा और इंडेक्स 147 अंक के लाभ में रहा. वित्तीय और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी रही. तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 147.71 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,602.12 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 330.67 अंक तक चढ़ गया था. सेंसेक्स के 17 शेयर लाभ में जबकि 13 नुकसान में रहे. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी में हालांकि छठे दिन गिरावट जारी रही और यह मामूली 5.80 अंक यानी 0.03 प्रतिशत फिसलकर 22,547.55 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के अंतिम घंटे में औषधि, धातु और आईटी शेयरो में बिकवाली से निफ्टी नुकसान में रहा.