मुंबई,22जून 2025 : ईरान-इजराइल वॉर में आज अमेरिका ने एंट्री मार ली हैं। भारतीय समायानुसार तड़के 4:30 ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को अमेरिका ने ध्वस्त कर दिया हैं। अमेरिका ने यह हमला B-2 bomber (बी-2 बॉम्बर) विमान के जरिए की। इसकी जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दी। विमान के नाम सामने आते ही लोगों को यह जानने के लिए उत्सुकता हो रही है कि, आखिर भारतीय लड़ाकू विमान राफेल और अमेरिकी B-2 Bomber में से कौन सा लड़ाकू विमान ज्यादा ताकतवर हैं।
बता दे कि हाल-ही में भारत ने राफेल विमान के जरिए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। इस विमान ने अमेरिका में घुसकर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करते हुए भारी तबाही मचाई थी। दोनों ही विमान (B-2 Bomber और राफेल) अपने आप में दुश्मनों के ठिकानों को निस्तनाबूत करने में सक्षम हैं। बता दे कि, B-2 (स्टील्थ बॉम्बर) और राफेल दोनों ही विमान अलग-अलग भूमिकाओं के लिए तैयार किए गए हैं। B-2 एक भारी, स्टील्थ बॉम्बर है जो परमाणु और पारंपरिक हथियारों को ले जा सकता है, जबकि राफेल एक बहु-भूमिका वाला लड़ाकू विमान है जो हवाई हमले और विभिन्न मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
दोनों ही विमानों की कार्यक्षमता में बहुत बड़ा अंतर है, जिसे हम, आपको बताने जा रहे हैं-
B-2 (स्टील्थ बॉम्बर) की विशेषताएं
- स्टील्थ तकनीक से लैस, रडार की पकड़ में आना मुश्किल।
- भारी मात्रा में हथियार ले जा सकता है (40,000 पाउंड तक) ।
- पारंपरिक और परमाणु हथियार दोनों ले जा सकता है।
- दुनिया में कहीं भी, कम समय में लक्ष्य पर हमला करने में सक्षम।
कार्य क्षमता
- परमाणु और पारंपरिक हथियारों से दुश्मन के ठिकानों पर हमला करना।
- दुश्मन के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करना और हमला करना। राफेल की विशेषताएं
- बहु-भूमिका वाला लड़ाकू विमान।
- विभिन्न प्रकार के हथियार ले जा सकता है।
- तेज और फुर्तीला।
- विभिन्न प्रकार के मिशनों को अंजाम दे सकता है।
कार्य क्षमता
- हवाई युद्ध, जमीनी हमले, टोही और परमाणु निरोध।
- दुश्मन के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करना और हवाई श्रेष्ठता हासिल करना।
मुख्य अंतर
- B-2 एक भारी बॉम्बर है, जबकि राफेल एक हल्का लड़ाकू विमान है।
- B-2 मुख्य रूप से परमाणु और पारंपरिक हमलों के लिए है, जबकि राफेल एक बहु-भूमिका वाला विमान है जो विभिन्न प्रकार के मिशनों को अंजाम दे सकता है.
- B-2 में स्टील्थ तकनीक है, जबकि राफेल में कम-दृश्यता तकनीक है.
- B-2 भारी मात्रा में हथियार ले जा सकता है, जबकि राफेल कम हथियार ले जा सकता है.



