कोरबा,22जून 2025(वेदांत समाचार)। कोरबा में जमीन को लेकर दो अलग-अलग विवाद सामने आए हैं। एक ओर निजी जमीन पर कब्जे को लेकर मारपीट और बुलडोजर चलने की घटना हुई, वहीं दूसरी ओर रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। दोनों ही मामलों में स्थानीय लोगों ने विरोध जताया ।
कोतवाली थाना क्षेत्र में सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे जमीन विवाद का मामला सामने आया है। इमलीडुग्गू कुम्हार मोहल्ला निवासी विनोद कुमार और उनके 24 वर्षीय बेटे परवीन साहू का कहना है कि यह जमीन उन्होंने 70,000 रुपए में खरीदी थी, जिसका स्टांप भी मौजूद है।
लेकिन सीतामढ़ी रेस्ट हाउस के पीछे रहने वाले मनोज चौहान, पिंटू चौहान और बिट्टू चौहान अपने साथियों के साथ जेसीबी मशीन लेकर वहां पहुंचे। उन्होंने जमीन पर बुलडोजर चला दिया। विरोध करने पर विनोद के बेटे परवीन के साथ मारपीट की गई। परवीन के सिर पर गंभीर चोट आई है। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी ।
पीड़ित परिवार ने कोतवाली थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मामले की शिकायत कोरबा एसपी से भी की गई है। कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि मनोज चौहान, बिट्टू चौहान और पिंटू चौहान के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है।
दूसरी ओर, कोरबा जिले के कुसमुंडा कोयलांचल में इमली छप्पर रेल फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण में बाधक बने अतिक्रमण को हटाया गया। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई में 11 से अधिक मकानों को तोड़ा गया ।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां रह रहे थे। पूर्व पार्षद अमरजीत सिंह के अनुसार, प्रशासन ने पहले ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दिया था। क्षेत्र की निवासी गीता गबेल और बसंत चंद्रा ने कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना था कि पिछले वर्ष यह अतिक्रमण क्यों नहीं दिखा और बरसात के मौसम में कार्रवाई क्यों की जा रही है।

कुसमुंडा क्षेत्र में हर 15-20 मिनट में कोयला लदी मालगाड़ी गुजरती है। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से तीन दिशाओं में सैकड़ों वाहन फंस जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए ओवरब्रिज का निर्माण आवश्यक था।
कुसमुंडा थाना प्रभारी युवराज तिवारी ने बताया कि जिला प्रशासन, पुलिस और SECL के अधिकारी मौके पर मौजूद थे। किसी भी विवाद की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।



