लेम्बाता,19जून 2025: इंडोनेशिया का माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी ज्वालामुखी बुधवार को फिर से धधक उठा और उसमें से राख व धुएं का गुबार फूटा, जिसके कारण आसपास के गांवों को खाली कराना पड़ा और पर्यटक द्वीप बाली आने वाली तथा वहां से जाने वाली उड़ानों समेत अन्य उड़ान सेवा को रद्द कर दिया गया। ज्वालामुखी में मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर तक कई विस्फोटों के कारण राख आसमान में 5,000 मीटर तक फैल गई। मंगलवार दोपहर को ज्वालामुखी फटने के बाद ज्वालामुखी से 10,000 मीटर ऊंचाई तक घने भूरे बादल देखे गये।
राख का गुबार इतना विशाल था कि उसे 150 किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता था। इस बीच, बाली हवाई अड्डे के पास ज्वालामुखी विस्फोट के कारण एअर इंडिया की बुधवार को दिल्ली-बाली उड़ान को बीच रास्ते से ही दिल्ली वापस ले जाना पड़ा। विमानन कंपनी ने एक बयान में यह जानकारी दी। एअर इंडिया ने बयान में कहा कि फ्लाइट सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतार ली गई और सभी यात्रियों को उतार दिया गया है। ज्वालामुखी फटने संबंधी चेतावनी को उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया और खतरे के क्षेत्र का दायरा ज्वालामुखी से आठ किमी तक बढ़ा दिया।
विस्फोट से निकले लावा से बचने के लिए अधिकारियों ने ज्वालामुखी से 7 किलोमीटर दूर माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी निगरानी चौकी को भी खाली करा दिया। घटना में अभी किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजैंसी ने एक बयान में बताया कि ज्वालामुखी विस्फोट के बाद राख और मलबा खतरे के क्षेत्र के बाहर बोरू, हेवा और वाटोबुकु गांवों समेत कई स्थानों पर गिरा। इले बूरा उपजिले में नूराबेलेन गांव से कुछ निवासी बचाव के लिए कोंगा में सुरक्षित स्थानों पर चले गए।



