फिल्मों में सेक्स वर्कर्स की जो तस्वीर दिखाई जाती है, वो असली जिंदगी से काफी अलग होती है। ज्यादातर फिल्मों में उन्हें शराब और सिगरेट पीते हुए दिखाया जाता है, लेकिन सेक्स वर्कर एक्टिविस्ट किरण देशमुख का कहना है कि असल जीवन की 90 फीसदी सेक्स वर्कर्स किसी भी तरह का नशा नहीं करतीं। किरण देशमुख के मुताबिक, फिल्मों की इस गलत छवि से समाज में सेक्स वर्कर्स को लेकर नकारात्मक सोच बनती है, जबकि हकीकत ये है कि वो भी आम लोगों की तरह अपने परिवार के लिए काम करती हैं और एक जिम्मेदार जीवन जीती हैं. समाज को अब इन गलत धारणाओं से बाहर आना चाहिए और हर पेशे को बराबरी और सम्मान की नजर से देखना चाहिए।



