नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुरुवार को बिहार के दरभंगा में ‘शिक्षा न्याय संवाद’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उन्हें वहां अंबेडकर छात्रावास में दलित, पिछड़े और गरीब तबके के छात्रों से बातचीत करनी थी। लेकिन जिला प्रशासन और बिहार पुलिस ने उन्हें छात्रावास तक जाने से रोक दिया। इस पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।
प्रियंका गांधी का हमला- डर किस बात का, नीतीश जी?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना को लेकर एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया और कहा, “यह बहुत ही शर्मनाक और कायरता भरा काम है कि बिहार में राहुल गांधी को छात्रों से बातचीत करने से रोका गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि “बिहार की एनडीए सरकार तानाशाही पर उतर आई है। क्या पिछड़ों, दलितों और गरीबों की बात करना अब अपराध हो गया है?”
मुझे रोकने की कोशिश की गई: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, “बिहार पुलिस ने मुझे अंबेडकर छात्रावास में छात्रों से मिलने से रोका। लेकिन वे मुझे नहीं रोक सके, क्योंकि आपके (अल्पसंख्यकों) का समर्थन मेरे साथ है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा, “यह सरकार लोकतंत्र, संविधान और अल्पसंख्यकों के खिलाफ है। यह सरकार अडानी-अंबानी के लिए है, आम लोगों के लिए नहीं।” राहुल ने यह भी वादा किया कि अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी, तो जातिगत जनगणना और सभी वंचित वर्गों के अधिकारों को पूरी तरह लागू किया जाएगा।
कांग्रेस का आरोप, पहले से तय कार्यक्रम को रोका गया
कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि अंबेडकर छात्रावास में राहुल गांधी का कार्यक्रम पहले से तय था और उसकी पूरी तैयारी भी कर ली गई थी। लेकिन जिला प्रशासन ने आखिरी वक्त पर धारा 144 लागू कर दी और कार्यक्रम की इजाज़त नहीं दी।



