अगर आप रिटायर हो चुके हैं और अभी तक अपना कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का पैसा नहीं निकाला है, तो आपके लिए राहत की खबर है. रिटायरमेंट के बाद भी आपके EPF खाते में जमा रकम पर ब्याज मिलता रहता है. हालांकि, यह सुविधा हमेशा के लिए नहीं होती. EPF स्कीम, 2026 के तहत ब्याज मिलने की अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि आपने किस उम्र में नौकरी छोड़ी या रिटायरमेंट लिया. यानी 55 साल से पहले और 55 साल या उसके बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए अलग-अलग नियम लागू होते हैं.
55 साल से पहले रिटायर हुए तो कब तक मिलेगा ब्याज?
EPFO के नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी 55 साल की उम्र से पहले नौकरी छोड़ता है या रिटायर होता है, तो उसके EPF खाते में जमा रकम पर 58 साल की उम्र पूरी होने तक ब्याज मिलता रहेगा. इसके लिए जरूरी है कि कर्मचारी अपना PF बैलेंस EPFO में ही रहने दे और उसे बीच में न निकाले.
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी ने 52 साल की उम्र में रिटायरमेंट लिया और अपना PF नहीं निकाला, तो उसे 58 साल की उम्र तक EPFO की घोषित ब्याज दर के अनुसार ब्याज मिलता रहेगा.
55 साल या उसके बाद रिटायरमेंट पर क्या नियम हैं?
यदि कोई कर्मचारी 55 साल या उससे अधिक उम्र में रिटायर होता है, तो उसके PF खाते में जमा राशि पर रिटायरमेंट की तारीख से अगले 36 महीने (3 साल) तक ब्याज मिलता रहेगा. इसके बाद खाता निष्क्रिय (Inoperative) माना जाएगा और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाएगा.
मान लीजिए कोई कर्मचारी 60 साल की उम्र में रिटायर होता है और अपना PF नहीं निकालता, तो उसे अगले तीन साल यानी 63 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहेगा. इसके बाद वह अंतिम निकासी (Final Settlement) के लिए आवेदन कर सकता है.
EPF और EPS को लेकर न करें भ्रम
अक्सर कर्मचारी EPF (Employees’ Provident Fund) और EPS (Employees’ Pension Scheme) को एक ही योजना समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग हैं. दोनों का संचालन EPFO करता है, लेकिन इनके नियम अलग-अलग हैं.
EPS के तहत यदि किसी कर्मचारी ने कम से कम 10 साल की पात्र सेवा पूरी कर ली है, तो वह 50 साल की उम्र से कम पेंशन (Early Pension) लेने का विकल्प चुन सकता है. वहीं 58 साल की उम्र पूरी होने पर वह पूरी मासिक पेंशन पाने का हकदार बन जाता है. अगर कर्मचारी अपनी पेंशन 60 साल की उम्र तक टालता है, तो उसे अधिक पेंशन का लाभ मिलता है.
क्या रिटायरमेंट के बाद PF निकालना जरूरी है?
EPFO के नियमों के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद PF निकालना अनिवार्य नहीं है. कर्मचारी चाहे तो अपना पैसा EPFO के पास ही छोड़ सकता है. जब तक खाता EPF स्कीम, 2026 के तहत निष्क्रिय नहीं होता, तब तक उस पर ब्याज मिलता रहेगा.
अगर आपको रिटायरमेंट के तुरंत बाद पैसों की जरूरत नहीं है, तो PF की राशि कुछ समय तक खाते में रहने देने से अतिरिक्त ब्याज का फायदा मिल सकता है. हालांकि, खाता निष्क्रिय होने के बाद उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है. इसलिए कर्मचारियों को अपनी रिटायरमेंट की उम्र और वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए PF निकासी का फैसला करना चाहिए.

