कोरबा, 19 जून 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को नई कृषि तकनीकों और नवाचारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे आधुनिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त हो रही है।
कोरबा जिले के ग्राम खैरभवना निवासी किसान रमेश सिंह कंवर इस पहल की सफलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आए हैं। वर्षों से खेती-किसानी से जुड़े रमेश सिंह कंवर अपनी लगभग डेढ़ एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करते हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत उन्होंने सहकारी समिति कनबेरी से नैनो डीएपी और नैनो यूरिया सहित अन्य कृषि आदान सामग्री प्राप्त की और खेती में इनका उपयोग शुरू किया।
रमेश सिंह कंवर ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं। शुरुआत में उन्होंने इसे परीक्षण के तौर पर अपनाया था, लेकिन बेहतर परिणाम मिलने के बाद अब वे नियमित रूप से हर वर्ष नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके अनुसार इन उर्वरकों के प्रयोग से फसलों की वृद्धि पहले की तुलना में अधिक बेहतर हुई है। खेतों में हरियाली बढ़ी है और उत्पादन में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।
उन्होंने बताया कि पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में नैनो उर्वरकों की कम मात्रा ही पर्याप्त होती है, जिससे लागत में कमी आती है और किसानों को अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। साथ ही फसलों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी तरीके से मिलते हैं, जिससे पौधों का समुचित विकास होता है और उत्पादकता बढ़ती है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरकों का उपयोग केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उर्वरकों की बर्बादी भी कम होती है। मिट्टी की गुणवत्ता लंबे समय तक बेहतर बनी रहती है और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि सरकार किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए लगातार जागरूक कर रही है।
रमेश सिंह कंवर ने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे केवल पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भर न रहें, बल्कि नैनो उर्वरकों और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं। उनका कहना है कि वैज्ञानिक खेती के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने, लागत घटाने और किसानों की आय में वृद्धि करने का रास्ता आसान हो सकता है।
छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरकों के बढ़ते उपयोग को कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इससे किसानों को न केवल बेहतर उत्पादन मिल रहा है, बल्कि टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल खेती को भी बढ़ावा मिल रहा है।

