मुंबई। प्राइम वीडियो की नई सीरीज राख की सस्पेंस और इंटेंसिटी से भरी दुनिया के पीछे एक ऐसा मुख्य किरदार है, जो आम उम्मीदों से बिल्कुल अलग है। एक टिपिकल एक्शन-ड्रिवन पुलिस अफसर की बजाय, एसआई जयप्रकाश को एक सोचने-समझने वाले और भावनात्मक रूप से गहराई वाले इंसान के रूप में लिखा गया है, जिसकी शांत दृढ़ता उसे इस रोमांचक जांच के दौरान आगे बढ़ाती है। यही बारीक किरदार और इसकी दिलचस्प कहानी उन प्रमुख वजहों में से एक थी, जिसने बहुमुखी अभिनेता अली फज़ल को इस भूमिका की ओर आकर्षित किया।
राख में जानबूझकर “माचो कॉप” की छवि से दूर रहने के बारे में बात करते हुए अली फज़ल ने कहा, “इस शो को करते समय मेरा पहला सवाल यही था कि हम इस किरदार को अलग कैसे बना सकते हैं, क्योंकि हमने सालों से बहुत सारे पुलिस ड्रामा देखे हैं और स्क्रीन पर पुलिस अफसर कैसे दिखता और व्यवहार करता है, इसकी एक तय छवि बन चुकी है। अक्सर उन्हें माचो, तेज-तर्रार और हर कमरे में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाले बड़े किरदारों के रूप में दिखाया जाता है। लेकिन जेपी (जयप्रकाश) के साथ मैं उस टेम्पलेट से पूरी तरह दूर जाना चाहता था। मुझे उसकी अंतर्मुखी सोच, उसका शांत स्वभाव, उसके भीतर छिपी संवेदनशीलता और चीजों को एक आम नागरिक के नजरिए से देखने की उसकी क्षमता ने आकर्षित किया। वह ऐसा इंसान नहीं है जो अपनी भावनाओं को खुलकर दिखाए, लेकिन उसके हर फैसले पर उनका असर होता है। मेरे लिए सिर्फ एक अधिकारपूर्ण शख्सियत निभाने से ज्यादा दिलचस्प था उसकी कमजोरियों, सहानुभूति और भावनात्मक बोझ को समझना। यही बातें उसे ज्यादा मानवीय और आखिरकार ज्यादा प्रभावशाली बनाती हैं।”
अली फज़ल के साथ इस सीरीज में सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। वहीं आकाश माखिजा, रामदीप यादव, दिव्या शर्मा, विवान शर्मा, अंशुल चौहान, राकेश बेदी और दिब्येंदु भट्टाचार्य भी महत्वपूर्ण किरदारों में हैं। राख का निर्देशन और एग्जीक्यूटिव प्रोडक्शन प्रोसित रॉय ने किया है, जबकि इसे अनुशा नंदकुमार और संदीप सकेत ने बनाया, लिखा और सह-निर्देशित किया है। एंडेमोल शाइन इंडिया ने भाडीपा के सहयोग से इस सीरीज का निर्माण किया है। यह सीरीज अब भारत समेत दुनिया भर के 240 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में स्ट्रीम हो रही है।

