रायपुर, 05 जून 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के पंजीयन की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा समयबद्ध बना दिया है। श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) नियम, 2021 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी की गई है, जो 3 जून 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो गई है।
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी दुकान या स्थापना के लिए श्रम पहचान संख्या (Labour Identification Number-LIN) का पंजीयन प्रमाणपत्र ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के महज 24 घंटे के भीतर जारी कर दिया जाएगा। इसके लिए नियोक्ताओं को निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे तथा ई-चालान के माध्यम से निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। पूरी प्रक्रिया स्व-घोषणा आधारित और सिस्टम जनरेटेड होगी, जिससे किसी भी प्रकार के भौतिक हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं रहेगी।श्रम विभाग के अनुसार नई व्यवस्था से पंजीयन प्रक्रिया में तेजी आएगी और उद्यमियों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले सभी श्रम पहचान संख्या प्रमाणपत्र अधिनियम के तहत पूर्णतः वैध होंगे। साथ ही विभागीय पोर्टल पर दुकानों और प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन रजिस्टर संधारित किया जाएगा, जिससे अभिलेखों का डिजिटलीकरण और निगरानी पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगी।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवेदन में दी गई किसी भी जानकारी, तथ्य अथवा दस्तावेज के गलत या भ्रामक पाए जाने की स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित नियोक्ता की होगी। इसके अलावा प्रत्येक दुकानदार को अपने प्रतिष्ठान परिसर में नाम-पट्ट के साथ पंजीयन प्रमाणपत्र को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य रहेगा।सरकार ने पंजीयन प्रमाणपत्र में संशोधन की प्रक्रिया भी बेहद सरल कर दी है। यदि किसी नियोक्ता को नाम, पता, कर्मचारियों की संख्या या व्यवसाय की प्रकृति जैसे विवरणों में बदलाव कराना हो तो वह मात्र 100 रुपये के संशोधन शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। ऐसे मामलों में भी संशोधित प्रमाणपत्र 24 घंटे के भीतर जारी कर दिया जाएगा।राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा, कागजी कार्यवाही में कमी आएगी और व्यापारियों एवं उद्यमियों को अधिक सुविधाजनक एवं पारदर्शी कारोबारी वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।

