Vedant Samachar

सिद्धिदात्री स्वरूप में किया कन्या पूजन नवरात्र के अंतिम दिन

Vedant samachar
3 Min Read

० ज्योति कलश और जवारों का विसर्जन शाम को

कोरबा, 06 अप्रैल। शक्ति की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्रि आज धार्मिक रीति-रिवाजों और श्रद्धा भाव के साथ सम्पन्न हो गया। इस अवसर पर कन्या पूजन का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें नौ कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया और उपहार प्रदान किए गए। परंपरा के अनुसार, शाम के समय मंदिरों एवं विभिन्न स्थलों पर बोए गए जवारों का विसर्जन किया जाएगा।

इस वर्ष चैत्र नवरात्र की शुरुआत चैत्र प्रतिपदा से हुई थी। पूरे नौ दिनों तक श्रद्धालुओं ने माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद मांगा। कोरबा नगर सहित नगरीय क्षेत्रों और ग्रामीण अंचलों में नवरात्रि का पर्व अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया गया। पूरे पर्व के दौरान मंदिरों में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और देवी की आराधना कर अपने और समाज के कल्याण की कामना की। विशेषकर अष्टमी और नवमी तिथि पर मंदिरों में भक्तों की विशेष भीड़ देखने को मिली।

आज नवमी तिथि पर श्रद्धालुओं ने देवी दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की। परंपरागत रूप से कन्या पूजन किया गया, जिसमें छोटी बच्चियों को देवी का रूप मानते हुए उनका विधिवत पूजन कर उन्हें विशेष व्यंजन परोसे गए और उपहार दिए गए। यह कार्यक्रम सुबह से शुरू होकर दोपहर तक चलता रहा। नवरात्रि के दौरान विभिन्न मंदिरों और घरों में ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए थे, जिनका विसर्जन आज शाम को संपन्न होगा। वहीं, जौ के अंकुरित पौधों को भी नदी या पवित्र स्थल में विसर्जित किया जाएगा, जो इस पर्व का समापन दर्शाता है।इस प्रकार कोरबा सहित पूरे क्षेत्र में नवरात्रि का यह पावन पर्व हर्षोल्लास, श्रद्धा और धार्मिक आस्था के वातावरण में सम्पन्न हुआ।

अनेक स्थानों पर हुआ भंडारा


चैत्र नवरात्र के अंतिम दिवस कोरबा नगर सहित आसपास के क्षेत्र में दोपहर से सार्वजनिक भंडारा का आयोजन हुआ। कोरबा के सीतामढ़ी स्थित वैष्णो दरबार, प्राचीन रामजानकी मंदिर, सर्वमंगला, भवानी मन्दिर, कंकालिन मंदिर दादर खुर्द, कालीबाड़ी एसईसीएल पौड़ीबहार, हनुमानगढ़ी कटघोरा, राम मंदिर बालको नगर और बस स्टैंड ट्रांसपोर्ट नगर में मंदिर प्रबंधन एवं समिति की ओर से नवरात्र पर भंडारा का आयोजन किया गया। दोपहर से इसकी शुरुआत हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं यहां पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। शाम तक इस प्रकार के आयोजन पूरे क्षेत्र में संचालित होने हैं। इन सब के माध्यम से समाज की एकजूटता के संदेश को मजबूती दी जा रही है।

Share This Article