नई दिल्ली, 04 अप्रैल । संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा की कुल 26 बैठकें हुईं और इस दौरान वक्फ (संशोधन) विधेयक सहित 16 विधेयक पारित किये गए वहीं 118 प्रतिशत कामकाज हुआ.लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सत्र के दौरान सदन में पारित किये गए महत्वपूर्ण विधेयकों में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के अलावा वित्त विधेयक, 2025, विनियोग विधेयक, 2025, त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी विधेयक, 2025 तथा आप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक, 2025 शामिल हैं.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘‘सत्र के दौरान कार्य उत्पादकता लगभग 118 प्रतिशत रही. कुल 26 बैठकें हुईं, जो 160 घंटे 48 मिनट तक चलीं.’’ विज्ञप्ति के अनुसार, ‘मछुआरा समुदाय के समक्ष आ रही कठिनाइयों’ पर लाये गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा हुई. वहीं, ‘देश में हवाई किराये को विनियमित करने के उचित उपायों’ के संबंध में कांग्रेस सदस्य शफी परम्बिल द्वारा लाये गए एक निजी संकल्प पर भी चर्चा हुई, हालांकि यह पूरी नहीं हो सकी.मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा का अनुमोदन करने वाले सांविधिक संकल्प को भी सत्र के दौरान पारित किया गया. बिरला ने कहा कि राष्ट्रपति (द्रौपदी मुर्मू) के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर 17 घंटे 23 मिनट चर्चा हुई और जिसमें 173 सदस्यों ने भाग लिया. मौजूदा (18वीं) लोकसभा का चौथा सत्र 31 जनवरी 2025 को शुरू हुआ था, जो शुक्रवार को संपन्न हो गया.
बजट सत्र के दो चरण थे. पहला चरण 13 फरवरी को संपन्न हुआ था. वहीं, दूसरा चरण 10 मार्च को शुरू हुआ था. लोकसभा अध्यक्ष ने शुक्रवार दोपहर सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी. बिरला ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 पर चर्चा 16 घंटे 13 मिनट तक चली और इसमें 169 सदस्यों ने भाग लिया. सदन में 10 सरकारी विधेयक पुरःस्थापित किये गए और 16 विधेयक पारित किये गए.
बिरला ने बताया कि तीन अप्रैल को लोक महत्व के 202 मामले उठाए गए, जो अभी तक किसी एक दिन में शून्यकाल के दौरान उठाए जाने वाले लोक महत्व के मामलों की रिकॉर्ड संख्या है. सत्र के दौरान नियम 377 के तहत कुल 566 मामले उठाए गए. विज्ञप्ति के अनुसार, लोकसभा में विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा की गई, जिसके बाद अनुदान मांगों को पारित कर दिया गया. सदन ने विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक को भी पारित किया.
सत्र के दौरान विभागों से सम्बद्ध स्थायी समितियों द्वारा 61 प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए तथा सभा पटल पर 2,518 पत्र रखे गए. सत्र के दौरान, लोकसभा ने रूस, मालदीव और मेडागास्कर के संसदीय शिष्टमंडल का भी स्वागत किया.