क्या माइग्रेन के मरीजों को AC में बैठना चाहिए? सेहत बिगड़ने का कितना खतरा?

गर्मी का सीजन आ चुका है. दफ्तरों और घरों में लोग AC एयर कंडिशन में बैठकर काम कर रहे हैं. बहुत से लोग घरों में AC चलाकर ही सोते हैं. लोगों को AC की ठंडी हवा बहुत सुकून देती है, लेकिन माइग्रेन के मरीजों को AC में बैठना या सोना चाहिए कि नहीं इसको लेकर बहुत से लोगों में कन्फ्यूजन हैं. लोग समझ नहीं पाते हैं कि माइग्रेन से पीड़ित मरीज को AC में बैठना चाहिए या नहीं.

दरअसल, माइग्रेन एक तरह का तेज़ सिरदर्द होता है जो अचानक शुरू होता है और कई बार घंटों तक बना रहता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि माइग्रेन को कुछ चीज़ें ट्रिगर करती हैं जैसे तेज रोशनी, शोर, भूख लगना, स्ट्रेस, नींद की कमी और मौसम का अचानक बदलना. ऐसे में जब कोई माइग्रेन वाला व्यक्ति बहुत ठंडी जगह पर बैठता है, तो सिरदर्द की शुरुआत हो सकती है.

AC से माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है
AC की सीधी हवा अगर सिर या चेहरे पर पड़े तो ये नसों को सिकोड़ देती है और इससे दर्द तेज हो जाता है. वहीं बहुत ठंडा कमरा या बार-बार AC से बाहर गर्मी में आना-जाना भी शरीर को झटका देता है. इससे माइग्रेन और बिगड़ सकता है. यही वजह है कि डॉक्टर सलाह देते हैं कि माइग्रेन वालों को AC का इस्तेमाल कम से कम करना करना चाहिए.

सबसे पहली बात, कमरे का तापमान बहुत कम न रखें. 24 से 26 डिग्री तापमान सही माना जाता है. इसके अलावा हवा सीधे ऊपर या सिर पर न लगे. AC में बैठते वक्त खूब पानी पिएं, क्योंकि ठंडी हवा से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है और इससे भी सिरदर्द बढ़ता है.

हल्की धूप और ताजी हवा में सांस लेना जरूरी
अगर आप ऑफिस में AC में काम करते हैं, तो कोशिश करें कि हर थोड़ी देर में बाहर जाकर हल्की धूप लें या ताज़ी हवा में सांस लें. अगर हर बार AC में बैठने से सिरदर्द शुरू हो जाता है, तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें.

कुल मिलाकर बात ये है कि माइग्रेन के मरीज़ AC चला सकते हैं लेकिन सावधानी बरतनी ज़रूरी है. ठंडी हवा की सीधी मार से बचें, तापमान नॉर्मल रखें और अपने शरीर की ज़रूरतों को समझें. ऐसा करने से माइग्रेन को कंट्रोल करना आसान होगा और गर्मी में भी राहत मिलेगी.