Vedant Samachar

CISF का 56वां स्थापना दिवस: तटीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता

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कोरबा, 04 अप्रैल (वेदांत समाचार)। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अपने 56वें स्थापना दिवस के अवसर पर “सुरक्षित तट, समृद्ध भारत” थीम पर “द ग्रेट इंडियन कोस्टल साइक्लोथॉन” 2025 का आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य तटीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना था।

आयोजन की मुख्य बातें

  • 7 मार्च, 2025 को तमिलनाडु के थक्कोलम से वर्चुअली साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाई गई।
  • 14 महिलाओं सहित 125 CISF साइकिल चालकों की दो टीमों ने 25 दिनों में 11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 6,553 किलोमीटर की साइकिल यात्रा की।
  • विभिन्न चरणों में 1,100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे जनता का समर्थन प्रदर्शित हुआ।
  • रैली, भारत के संपूर्ण मुख्य तट को कवर करने वाला एक ‘अपनी तरह का पहला’ प्रयास, 31 मार्च, 2025 को कन्याकुमारी में संपन्न हुआ।

तटीय सुरक्षा के प्रति CISF की प्रतिबद्धता


CISF ने तटीय सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया, जो व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। CISF ने पिछले पाँच दशकों से तटीय संपत्तियों की सुरक्षा की है।

साइक्लोथॉन के उद्देश्य

  • तटीय खतरों (तस्करी, घुसपैठ, पर्यावरण संबंधी मुद्दे) के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
  • स्थानीय निवासियों (“तट प्रहरियों”) को प्रमुख सुरक्षा भागीदारों के रूप में पहचानना और सशक्त बनाना।
  • CISF, सुरक्षा एजेंसियों और तटीय समुदायों के बीच संचार को मजबूत करना।
  • अंतर्देशीय समुदायों को तटीय संस्कृति और पारिस्थितिकी से जोड़ना।

मुख्य उपलब्धियाँ

  • असाधारण सार्वजनिक पहुँच: 3 मिलियन भौतिक प्रतिभागी, 25 मिलियन ऑनलाइन पहुँचे।
  • व्यापक जुड़ाव: 26 प्रमुख कार्यक्रम, 118 स्थानीय बातचीत ने तटीय सुरक्षा और संस्कृति पर संवाद को बढ़ावा दिया।
  • बढ़ी हुई जागरूकता: तटीय सुरक्षा चुनौतियों और सामुदायिक भागीदारी के महत्व की समझ में वृद्धि।
  • मूल्यवान अंतर्दृष्टि: गृह मंत्री के निर्देशनुसार लक्षित सुरक्षा रणनीतियों के लिए डेटा प्रदान किया।
  • प्रख्यात समर्थन: गणमान्य व्यक्तियों, खेल दिग्गजों (नीरज चोपड़ा, एमएस धोनी) और फिल्म सितारों (रजनीकांत, अक्षय कुमार) द्वारा समर्थित।


कन्याकुमारी कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और तटीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक था। इस आयोजन ने तटीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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