खरसिया ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुरु में लाखों का घोटाला आया सामने

विकास चौहान, रायगढ़,03 अप्रैल 2025। पंचायत राज में नए प्रयोगों का सिलसिला जारी है! ताजा मामला ग्राम पंचायत कुर्रु, जनपद पंचायत खरसिया से सामने आया है, जहां के सरपंच और सचिव ने सरकारी धन के इस्तेमाल में ‘रचनात्मकता’ का परिचय दिया है। जांच में पाया गया कि कुल 94,53,592 रुपये की राशि बड़ी ही ‘निपुणता’ से खर्च की गई, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। अब प्रशासन ने 47,26,796 रुपये की ‘सौगात’ दोनों महानुभावों से वापस लेने का आदेश दिया है।

“पंचायत विकास मॉडल” – बिना काम किए पैसा उड़ाओ!

सूत्रों की मानें तो यह पंचायत प्रदेश के अन्य पंचायतों के लिए “आदर्श” बन सकती है। आखिर, बिना किसी ठोस कार्य के इतनी बड़ी रकम खर्च करने की प्रतिभा हर किसी में नहीं होती! मजे की बात यह है कि यह पैसा कहाँ गया, इसका कोई पुख्ता हिसाब किसी के पास नहीं है। हो सकता है कि यह धन भविष्य में ‘अदृश्य विकास कार्यों’ के लिए इस्तेमाल हुआ हो!

“अब लौटाना भी पड़ेगा?” – सरपंच और सचिव की दुविधा

जिला पंचायत रायगढ़ ने आदेश दिया है कि उक्त राशि तुरंत वापस ली जाए, अन्यथा कानूनी कार्रवाई होगी। इस निर्णय से पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी चिंता में हैं – ‘इतने परिश्रम से पैसे को इधर-उधर किया और अब उसे लौटाना भी पड़ेगा?’ पंचायत में ‘पारदर्शिता’ को एक नया आयाम देने वाले इन दोनों अधिकारियों के लिए यह एक बड़ा झटका है।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया – “हमें भी सिखाओ यह कला!”

ग्राम पंचायत कुरु के जागरूक ग्रामीण अब यह जानने को उत्सुक हैं कि बिना किसी बड़े विकास कार्य के इतना पैसा कैसे खर्च किया गया। कुछ ग्रामीणों का कहना है, “अगर ऐसी योजनाएँ हैं तो हमें भी इस ‘गुप्त विधा’ में प्रशिक्षण दिया जाए!”

प्रशासन का सख्त रवैया – “अब मजाक नहीं चलेगा!”

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि अब मजाक नहीं चलेगा। दोषियों से पूरी राशि वसूल की जाएगी और यदि उन्होंने इसे लौटाने में आनाकानी की, तो कठोर कार्रवाई होगी।

अब देखने वाली बात यह होगी कि पंचायत के ‘अर्थशास्त्रियों’ के पास पैसा लौटाने के लिए कौन-सा नया ‘नवाचार’ होगा, या फिर मामला लंबी कानूनी लड़ाई में उलझ जाएगा। जनता बस इतना जानना चाहती है – “ये पैसा गया तो गया कहां?”