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Dhamatari Crime : पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी को 20 साल की सजा, मजबूत पैरवी से मिली बड़ी सफलता

धमतरी, 30 मार्च (वेदांत समाचार)। नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुख्ता साक्ष्यों और मजबूत पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले को महिला एवं बाल संरक्षण के मामलों में सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

मामला थाना सिटी कोतवाली धमतरी में दर्ज अपराध क्रमांक 491/24 से जुड़ा है, जिसमें आरोपी पंकज कुमार निषाद (25 वर्ष), निवासी सदर दक्षिण वार्ड, रानी बगीचा रोड, धमतरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध पाया गया।

माननीय न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 3000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इस मामले में पुलिस द्वारा की गई विवेचना को बेहद अहम माना जा रहा है, जिसने आरोपी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रकरण की जांच थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक राजेश मरई एवं तत्कालीन विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक महेंद्र साहू द्वारा गंभीरता और पेशेवर दक्षता के साथ की गई। जांच के दौरान साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन किया गया, गवाहों के बयान मजबूती से दर्ज किए गए और सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रभावी ढंग से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पुलिस अधीक्षक धमतरी ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए विवेचना अधिकारी को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है, ताकि अन्य पुलिसकर्मी भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरित हो सकें।

धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। ऐसे अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है।

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